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हरदोईः निशुल्क हुआ प्रसव पर दवा में खर्च हो गए 1600 रुपये

Wed, 31 Aug 2022 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2022 11:36 PM IST
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Hardoi, 1600 rupees spent on medicine for free delivery
फोटो-01- जिला महिला चिकित्सालय - फोटो : HARDOI
हरदोई। महिला अस्पताल की बदहाली से प्रसूताएं परेशान हैं। ऑपरेशन कराने पर तीमारदारों को ग्लूकोज की बोतल सिरिंज और दवाएं बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही हैं। इसके बाद ऑपरेशन कक्ष के कर्मचारी 5000 रुपये की मांग करते हैं।
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रुपये न देने पर तीमारदारों को परेशान किया जाता है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा तीमारदारों को जेब खाली करके भुगतना पड़ रहा है।
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मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के कलेनापुर गांव निवासी पल्लवी (25) गर्भवती थी। मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन एंबुलेंस से उसे लेकर मल्लावां सीएचसी पहुंचे।
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जहां पर डॉक्टरों ने बच्चा उल्टा होने की बात कहकर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। पति निर्भय के मुताबिक यहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की सलाह दी। वह ऑपरेशन कराने को तैयार हो गया।
ऑपरेशन करने के लिए कर्मचारी पत्नी को ऑपरेशन कक्ष में लेकर गए। जहां डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए एक पर्चे पर ग्लूकोज की बोतल, सिरिंज, निडिल, इंजेक्शन आदि दवाएं लिखीं।
वह 1600 रुपये खर्च करके मेडिकल स्टोर से दवाएं ग्लूकोज की बोतल लाया। इसके बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। पत्नी ने दो बच्चों को जन्म दिया।
आरोप है कि ऑपरेशन होने के बाद ओटी में तैनात कर्मचारियों ने ऑपरेशन करने के 5000 हजार रुपये मांगे। उसने रुपये न होने की बात कही। इसके बाद से कर्मचारी उसे लगातार परेशान कर रहे हैं। बार-बार बाहर से दवाएं लिखकर मंगवा रहे हैं।
वर्जन
महिला अस्पताल में सर्जिकल से संबंधित सारी दवाएं उपलब्ध हैं। स्टोर प्रभारी को निर्देशित किया गया है। हर मरीज को ऑपरेशन से संबंधी सामान उपलब्ध कराएं। अगर इसके बाद भी तीमारदारों से दवाएं मंगाई जा रहीं हैं। तो इसकी जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। पांच हजार रुपये ऑपरेशन के मांगने की लिखित शिकायत मिलती है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
अस्पताल में नहीं हैं सामान और दवाएं
महिला अस्पताल में प्रसूताओं को समुचित दवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। सीएमएस डॉ. विनीता चतुर्वेदी का कहना है कि अस्पताल में मिलने वाली ग्लूकोज की बोतल, इंजेक्शन और धागा नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर बाहर से मंगा रहे हैं। इसके लिए कई बार डिमांड लेटर भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिल सका है।

बिना रुपये नहीं होते ऑपरेशन
महिला अस्पताल में अगर आप निशुल्क ऑपरेशन कराने का सपना लेकर आएं हैं, तो आपको यहां भर्ती नहीं किया जाएगा। तीमारदारों ने बताया कि यहां ऑपरेशन के लिए 5000 रुपये का शुल्क निर्धारित है। जिस महिला के परिजन यह शुल्क देने में आनाकानी करते हैं। उसे गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। लखनऊ न भागना पड़े, इसलिए परिजन मजबूरन रुपये देकर ऑपरेशन करा रहे हैं।
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