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अमरूद की बागवानी से बदली तकदीर

Sun, 13 Feb 2022 10:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 10:14 PM IST
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Guava gardening changed fortunes
हरदोई (बेहंदर)। बुलंद हौसले और कड़ी मेहनत के दम पर बागवानी के क्षेत्र में कौशल किशोर मौर्य अच्छी कमाई कर रहे हैं। उन्होंने चार साल में यह मुकाम हासिल किया है। कौशल किशोर पैतृक गांव में अमरूद की बागवानी कर लाखों रुपये कमा रहे हैं।
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बेहंदर ब्लॉक के जखौर गांव में रहने वाले प्रगतिशील किसान कौशल किशोर बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों से धान, गेहूं की पारंपरिक खेती से उन्हें नुकसान हुआ।
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इस वजह से उन्होंने बागवानी की ओर रुझान किया। तीन बीघा में अमरूद की बाग से शुरुआत की। अमरूद की बागवानी से सालाना अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
बकौल कौशल वह प्रतिवर्ष दो लाख रुपये तक कमा लेते हैं। कौशल ने बताया कि पौधे की उम्र 14 साल होती है। शुरुआत के तीन-चार साल इन्हें पालने में लग जाते हैं।
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वह बताते हैं कि साल में एक बार ही फसल आती है। फसल सामान्य हो तो एक लाख रुपये प्रति एकड़ और बहुत अच्छी होने पर दो लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आय हो जाती है, जबकि परंपरागत खेती में सालाना आय 30 से 40 हजार रुपये के बीच ही होती है।

साथ ही नुकसान की आशंका बनी रहती है। अब कौशल किशोर अमरूद की बागवानी करके खुश हैं। वह अपने परिवार के साथ बागवानी में लगे रहते हैं।
बाग में कई प्रजाति के हैं अमरूद
कौशल के बाग में पांच किस्म के अमरूद के पौधे हैं। कई अमरूद की क्वालिटी ताइवान के अमरूद को भी मात दे रही है। बाग में जय विलास, बर्फ खाना, विनार प्रजाति के अमरूद मौजूद हैं। कौशल किशोर अमरूद सब्जी मंडी संडीला में बेचते हैं। खरीदार बाग से भी खरीदकर ले जाते हैं।
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