{"_id":"79154bdbb07d4b70e445d3c97aa16f63","slug":"govardhan-puja-sought-the-prosperity-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोवर्धन पूजा कर मांगी समृद्धि ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोवर्धन पूजा कर मांगी समृद्धि
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 14 Nov 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली के दूसरे दिन गुरुवार को घर-घर में गोवर्धन पूजा की गई। गल्ला मंडी स्थित श्रीराम जानकर मंदिर में छप्पन भोग लगाया गया और भजन गाए गए। पूजन के बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया।
विज्ञापन
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा यानी शुक्ल पक्ष की पहली तिथि दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा की जाती है। श्रद्धालु इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत के सम्मुख भगवान श्रीकृष्ण, गायों व बाल गोपालों की आकृतियां बनाकर उनकी पूजा करते हैं।
विज्ञापन
कहा जाता है कि वर्षा के देवता के रूप में इंद्र की प्रतिष्ठा थी, इसलिए दीपावली के अगले दिन गोकुलवासी उनकी पूजा करते थे। कृष्ण ने देखा कि वर्षा के कारण यमुना में बाढ़ आ जाती है और किनारे बसे गांव के गांव बह जाते हैं। कृष्ण ने विचार कर लोगों को इंद्र के बजाए गोवर्धन की पूजा करने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
ब्रज के लोगों ने इस पर अमल किया। वह गोवर्धन की पूजा करने लगे। कुपित होकर इंद्र ने भारी वर्षा की। बारिश से गोकुल को बचाने के लिए श्री कृष्ण ने छोटी अंगुली से सात दिन तक गोवर्धन पर्वत उठाए रखा। इस घटना के बाद लोगों ने गोवर्धन पूजा शुरू कर दी।
गुरुवार को घरों में जहां गोबर से आकृति बनाकर उनका पूजन हुआ। गल्ला मंडी स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में गोवर्धन पूजा की गई। मंदिर में सुबह से ही भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। आचार्य मैथलीशरण शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण कर भगवान श्रीराम और माता सीता को छप्पन भोग लगाया। वहीं इसके साथ ही सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। इस मौके पर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, बिपिन गुप्ता, निन्ने आदि काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।