{"_id":"64d68971d0a26f5a140bcdd4","slug":"go-casts-will-be-made-from-shelter-dung-increasing-income-hardoi-news-c-213-1-hra1001-2014-2023-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: आश्रयस्थल के गोबर से बनेंगे गो-कास्ट, बढ़ेगी आमदनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: आश्रयस्थल के गोबर से बनेंगे गो-कास्ट, बढ़ेगी आमदनी
विज्ञापन
हरदोई। आश्रयस्थल में संरक्षित मवेशियों के गोबर से अब गो-कास्ट बनाए जाएंगे। इसकी बिक्री से समूह से जुड़े लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी। गुरुवार को डीएम ने कलक्ट्रेट परिसर से गो-कास्ट संयंत्र को हरी झंडी दिखाकर ब्लॉकों में स्थापना के लिए रवाना किया।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि गो-कास्ट बनाने के लिए संयंत्रों को पंजाब से मंगवाया गया है। प्रथम चरण में सभी 10 ब्लॉकों में एक-एक संयंत्र लगवाए जाने की कार्ययोजना है। अभी चार संयंत्र प्राप्त हो गए हैं। इनकी स्थापना विकास खंड मल्लावां, बेहंदर, टड़ियावां और शाहाबाद के अस्थायी पशु आश्रयस्थलों में कराई जा रही है। बताया कि करीब 347 अस्थायी पशु आश्रयस्थलों में करीब 49 हजार छोटे-बड़े मवेशी संरक्षित हैं। इनके गोबर का उपयोग अब गो-कास्ट बनाने में किया जाएगा।
उप निदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर ने बताया कि गो-धनवंतरि कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से गो-कास्ट संयंत्र की स्थापना कराई जा रही है। संगठन के निदेशक धर्मेंद्र कुमार व मुकेश सैनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
बताया कि एक संयंत्र में प्रतिदिन तीन क्विंटल गोबर से गो-कास्ट तैयार हो सकेंगे और इसमें तीन दिन पुराना ही गोबर उपयोग में लाया जा सकेगा। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार साहू सहित समूह के पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि गो-कास्ट बनाने के लिए संयंत्रों को पंजाब से मंगवाया गया है। प्रथम चरण में सभी 10 ब्लॉकों में एक-एक संयंत्र लगवाए जाने की कार्ययोजना है। अभी चार संयंत्र प्राप्त हो गए हैं। इनकी स्थापना विकास खंड मल्लावां, बेहंदर, टड़ियावां और शाहाबाद के अस्थायी पशु आश्रयस्थलों में कराई जा रही है। बताया कि करीब 347 अस्थायी पशु आश्रयस्थलों में करीब 49 हजार छोटे-बड़े मवेशी संरक्षित हैं। इनके गोबर का उपयोग अब गो-कास्ट बनाने में किया जाएगा।
विज्ञापन
उप निदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर ने बताया कि गो-धनवंतरि कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से गो-कास्ट संयंत्र की स्थापना कराई जा रही है। संगठन के निदेशक धर्मेंद्र कुमार व मुकेश सैनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
बताया कि एक संयंत्र में प्रतिदिन तीन क्विंटल गोबर से गो-कास्ट तैयार हो सकेंगे और इसमें तीन दिन पुराना ही गोबर उपयोग में लाया जा सकेगा। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार साहू सहित समूह के पदाधिकारी मौजूद रहे।