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अपराध छिपाकर अपराधियों को बढ़ावा न दें : डा. प्रीती
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सभागार में मौजूद छात्र छात्राएं व शिक्षकगण। अमर उजाला
- फोटो : HARDOI
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छात्राएं हो या युवतियां अपने साथ होने वाली किसी भी घटना को छिपाएं नहीं, बल्कि उसे अपने माता-पिता, शिक्षक से भी बताएं। किसी भी अपराध को छिपाने पर अपराधी को बल मिलता है।
ये बात महिला एवं बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान के तहत मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कवच कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. प्रीति वर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के बाल शोषण के संबंध में खुलकर बोलें और समस्या आने पर तत्काल 100, 101, 181, 1090 आदि नंबरों पर संपर्क करें ताकि शीघ्र पुलिस व अन्य विभागों के माध्यम से मदद मिल सके।
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उन्होंने छात्रों से कहा कि बालिकाओं व महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देना पुरुषों का दायित्व है और कहीं भी बालिकाओं व महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ आदि पर इसका विरोध करें।
ऐसा करने वालों को पुलिस के सहयोग से सजा दिलाना सुनिश्चित करें। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार सिंह, जीआईसी प्रधानाचार्य सुधाकर बाजपेई, प्रशिक्षिका अनम आदि मौजूद रहीं।
आयोग सदस्य ने केयर टेकर को हटाने के दिए निर्देश
राजकीय संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण को पहुंची आयोग सदस्य ने बाल बंदियों से वार्ता की तथा उनकी समस्याएं पूछी। उन्होंने बाल बंदियों से कहा कि वह अपने पीछे क्या अपराध करके यहां आएं हैं इसके बारे में न सोचे, बल्कि आगे आने वाली जिंदगी में अपने आप में कैसे सुधार लाया जाए इस बारे में विचार करें।
उन्होंने रसोई घर का निरीक्षण किया व किचन के लिए मंगाई जानी वाली सामग्री की लिस्ट देखी और बाल बंदियों के लिए बनाई गई कढ़ी को खाकर भी देखा। केयर टेकर की शिकायत बाल बंदियों द्वारा करने पर उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील सिंह को केयर टेकर को तत्काल हटाकर दूसरा केयर टेकर रखे जाने के निर्देश दिए।
बाल अधिकार अधिनियम के तहत दिलाएं सुविधाएं
कलक्ट्रेट सभागार में राज्य बाल अधिकार संरक्षण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सदस्य ने अधिकारियों से कहा कि बाल संरक्षण के संबंध में होने वाले कार्यों को विशेष ध्यान दें व बच्चों को बाल अधिकार अधिनियम के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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ये बात महिला एवं बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान के तहत मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कवच कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. प्रीति वर्मा ने कही।
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उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के बाल शोषण के संबंध में खुलकर बोलें और समस्या आने पर तत्काल 100, 101, 181, 1090 आदि नंबरों पर संपर्क करें ताकि शीघ्र पुलिस व अन्य विभागों के माध्यम से मदद मिल सके।
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उन्होंने छात्रों से कहा कि बालिकाओं व महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देना पुरुषों का दायित्व है और कहीं भी बालिकाओं व महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ आदि पर इसका विरोध करें।
ऐसा करने वालों को पुलिस के सहयोग से सजा दिलाना सुनिश्चित करें। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार सिंह, जीआईसी प्रधानाचार्य सुधाकर बाजपेई, प्रशिक्षिका अनम आदि मौजूद रहीं।
आयोग सदस्य ने केयर टेकर को हटाने के दिए निर्देश
राजकीय संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण को पहुंची आयोग सदस्य ने बाल बंदियों से वार्ता की तथा उनकी समस्याएं पूछी। उन्होंने बाल बंदियों से कहा कि वह अपने पीछे क्या अपराध करके यहां आएं हैं इसके बारे में न सोचे, बल्कि आगे आने वाली जिंदगी में अपने आप में कैसे सुधार लाया जाए इस बारे में विचार करें।
उन्होंने रसोई घर का निरीक्षण किया व किचन के लिए मंगाई जानी वाली सामग्री की लिस्ट देखी और बाल बंदियों के लिए बनाई गई कढ़ी को खाकर भी देखा। केयर टेकर की शिकायत बाल बंदियों द्वारा करने पर उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील सिंह को केयर टेकर को तत्काल हटाकर दूसरा केयर टेकर रखे जाने के निर्देश दिए।
बाल अधिकार अधिनियम के तहत दिलाएं सुविधाएं
कलक्ट्रेट सभागार में राज्य बाल अधिकार संरक्षण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सदस्य ने अधिकारियों से कहा कि बाल संरक्षण के संबंध में होने वाले कार्यों को विशेष ध्यान दें व बच्चों को बाल अधिकार अधिनियम के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

हरदोई के जीआईसी सभागार में कवच गोष्ठी में बोलती राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. प्रीती- फोटो : HARDOI