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रमजान में घरों पर ही करें इबादत : उस्मान गनी
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पिहानी। रमजान की आमद को लेकर मुस्लिमों में तैयारियों का दौर जारी है। लॉकडाउन और पूर्ण बंदी के बीच रमजान की विशेष नमाज तरावीह को लेकर इस बार उलेमा-ए-कराम ने घरों पर इबादत की अपील जारी की है। यह बात ईदगाह के इमाम मौलाना उस्मान गनी समेत कई उलेमा-ए-कराम कही।
रमजान में मस्जिदों पर होने वाली तरावीह की नमाज इस बार घरों पर पढ़े जाने की अपील के बाद लोग घर-घर नमाज की तैयारियों में लगे हैं। ईदगाह के इमाम मौलाना उस्मान गनी मजाहिरी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन में सहयोग हम सब की जिम्मेदारी है। जरूरी है कि मस्जिदों के बजाय घरों में ही तरावीह की नमाज भी पढ़ी जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें। घरों पर केवल घर के लोग ही नमाज अदा करें। मुफ्ती नजीब कासमी ने एलान किया है कि रमजान के दौरान भी लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाए। तमाम अन्य नमाजों के साथ ही तरावीह की नमाज भी घर पर पढ़ी जाए।
गरीब व जरूरतमंदों का ख्याल रखें
पिहानी। रमजान में जकात की अदायगी के साथ-साथ लॉकडाउन में परेशान लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद करें। मुफ्ती नजीब के अनुसार निश्चित हैसियत रखने वाले लोगों को चाहिए कि जकात और सदके की अदायगी में अपने आसपास के जरूरतमंदों का पता लगाएं और उनकी मदद करें। रमजान में खुदा ने नेकी का बदला सत्तर गुना बढ़ा कर देने का वादा किया है। यह माह नेकियां कमाने का बेहतरीन मौका है।
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रमजान में मस्जिदों पर होने वाली तरावीह की नमाज इस बार घरों पर पढ़े जाने की अपील के बाद लोग घर-घर नमाज की तैयारियों में लगे हैं। ईदगाह के इमाम मौलाना उस्मान गनी मजाहिरी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन में सहयोग हम सब की जिम्मेदारी है। जरूरी है कि मस्जिदों के बजाय घरों में ही तरावीह की नमाज भी पढ़ी जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें। घरों पर केवल घर के लोग ही नमाज अदा करें। मुफ्ती नजीब कासमी ने एलान किया है कि रमजान के दौरान भी लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाए। तमाम अन्य नमाजों के साथ ही तरावीह की नमाज भी घर पर पढ़ी जाए।
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गरीब व जरूरतमंदों का ख्याल रखें
पिहानी। रमजान में जकात की अदायगी के साथ-साथ लॉकडाउन में परेशान लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद करें। मुफ्ती नजीब के अनुसार निश्चित हैसियत रखने वाले लोगों को चाहिए कि जकात और सदके की अदायगी में अपने आसपास के जरूरतमंदों का पता लगाएं और उनकी मदद करें। रमजान में खुदा ने नेकी का बदला सत्तर गुना बढ़ा कर देने का वादा किया है। यह माह नेकियां कमाने का बेहतरीन मौका है।
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