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Hardoi News: आबादी में पानी पहुंचने से चुन्नीपुरवा के 40 परिवार शरणालय आए

Wed, 09 Sep 2026 10:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 10:42 PM IST
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Forty families from Chunnipurwa arrived at the shelter after floodwaters reached the inhabited area.
फोटो 18: मदारी पुरवा की आबादी में पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम/सांडी/हरपालपुर। नदियों का बढ़ता पानी अब आबादी वाले क्षेत्रों के लिए खतरा बन गया है। कटरी क्षेत्र के गांवों में पानी आबादी के अंदर और किनारे तक पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। चुन्नीपुरवा गांव में पानी आबादी तक पहुंचने से 40 परिवारों के 107 सदस्यों को शरणालय में शिफ्ट कराया गया है।
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गंगा और गर्रा का पानी खतरे के निशान पर बना हुआ है जबकि रामगंगा नदी का पानी करीब पहुंच गया है। बाढ़ का पानी कई संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है। मार्गों पर पानी भरने और कुछ स्थानों पर सड़क के ऊपर से बहने के कारण लोगों को नावों के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। जरूरी सामान लाने और गांवों से बाहर जाने के लिए भी ग्रामीणों की निर्भरता नावों पर बढ़ गई है। तहसील बिलग्राम क्षेत्र में गंगा और गर्रा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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मदारी पुरवा में बुधवार को पानी आबादी में घुस गया। वहीं दूसरी ओर सांडी क्षेत्र में गर्रा के बढ़ने से चुन्नीपुरवा में 40 परिवारों के 107 लोगों को बाढ़ राहत शिविर तिलमई खेड़ा में शिफ्ट कराया गया है। प्रशासन की ओर से उनके लिए भोजन समेत सभी दैनिक आवश्यकताओं की व्यवस्था की गई है। जरेला, पुन्ना पुरवा में गांवों के मुहाने तक पानी आ गया है। कभी भी पानी आबादी में घुस सकता है। नोखे पुरवा, चिरंजू पुरवा, जरसेनामऊ, कटरी जरसेनामऊ, म्योरा, कटरी बिलुही, शेखनपुर, उम्मेद पुरवा और सोनारी पुरवा में भी गांवों के मुहाने पर गंगा का पानी पहुंच गया है। जरसेनामऊ स्कूल में भी बाढ़ का पानी भर गया है। फ्लड पीएसी टीम को जलालपुर पंचायत घर में शिफ्ट कराया गया।
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सुखेता नदी का पानी पुल पर आया
शाहाबाद क्षेत्र के शर्मा गांव में सुखेता नदी में बाढ़ का पानी पुल पर करीब चार फीट ऊंचाई में आ गया है। इससे आवागमन प्रभावित हो गया। पानी गांव में दाखिल हो चुका है। तुलसी, रामसेवक, रामू, राधे, भीखम, संजीव, कृष्णा, सूबेदार, रामप्रसाद, सोनपाल, महिपाल के मकानों के पास पानी आने से परेशानी बढ़ गई है। संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है। मिठनानपुर, खरगपुर, ककरघटा, बड़दापुर, आंझी, आदमपुर, मिलकिया, रत्नपुर, धर्मापुर में भी पानी पहुंचने लगा है। तहसील और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

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बाढ़ का पानी भरा होने से ग्रामीण नाव से ले गए शव
सांडी। जिगनी चौगवां के मजरा ठेहरापुरवा निवासी सुखदेव कुशवाहा के पिता मुलायम कुशवाहा का बुधवार को निधन हो गया। गांव में बाढ़ के कारण रास्ता पूरी तरह जलमग्न होने और आवागमन का रास्ता न होने के चलते परिजन और ग्रामीणों को शव को गांव से बाहर निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों को शव नाव के सहारे गांव से बाहर लाना पड़ा। मिशन आत्म संतुष्टि के संस्थापक समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों का सहयोग किया।

शरणालय में रह रहे लोगों को सभी जरूरी सुविधाएं समय मिलें : डीएम
डीएम अनुनय झा ने बुधवार को एसपी एके मीणा और बिलग्राम एसडीएम एन राम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ‎‎राहत और बचाव कार्यों को देखा। राजस्व अधिकारियों से कहा कि शरणालय में रहने वाले लोगों को सभी जरूरी सुविधाएं समय से मिलनी चाहिए। बाढ़ प्रभावितों से संवाद किया और तिलमई खेड़ा और मलवा अखवेलपुर आदि स्थानों पर कठिनाइयों की जानकारी ली। भोजन, पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था की जानकारी ली। कहा कि लोगों को समय से चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं। स्वास्थ्य शिविर में उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को फल, बिस्किट आदि सामग्री का वितरण किया। प्रभावितों से कहा कि बाढ़ से प्रभावित फसलों, मकानों और अन्य क्षति का आकलन किया जा रहा है। जल्द ही क्षतिपूर्ति का वितरण कराया जाएगा। प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ है।


नदियों के जलस्तर और बैराजों से छोड़े गए पानी पर एक नजर
बैराजों से छोड़े जाने वाले और पहाड़ों पर होने वाली बरसात के पानी ने जिले की नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की है। बुधवार को गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर खतरे के निशान 137.100 मीटर गेज पर बना हुआ है। वहीं राजघाट खतरे के निशान 125.81 मीटर गेज से करीब 20 सेंटीमीटर पानी पहुंच गया है। गंगा में नरौरा बैराज से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा का जलस्तर शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर नीचे 136.95 मीटर गेज पर आ गया है। गर्रा नदी का जलस्तर सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर खतरे के निशान 129.65 मीटर गेज से करीब 63 सेंटीमीटर ऊपर 139.28 मीटर गेज पर आ गया है। गर्रा नदी में नानकसागर बैराज से 1,551 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 9,525 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

फोटो 18: मदारी पुरवा की आबादी में पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद

फोटो 18: मदारी पुरवा की आबादी में पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद

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