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डेंगू का खौफ, मलेरिया बेखौफ
ब्यूूराे/अमर उजाला, हरदाेई
Updated Sun, 20 Sep 2015 12:01 AM IST
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सूबे में डेंगू के दस्तक के बाद स्वास्थ्य महकमा भी
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अलर्ट हो गया है। जिसके चलते बुखार के मरीजों को भी लखनऊ स्थित ट्रामा
सेंटर रेफर किया जा रहा है। हैरत की बात यह है कि बुखार से पीड़ित मरीज की
डेंगू की जांच भी यहां नही हो पा रही है।
हालांकि, इस माह जिला अस्पताल में हुए करीब 128 मरीजों की जांच मेें 24 को मियादी बुखार दो को मलेरिया और छह मरीजों में प्लेट्सलेट्स की कमी पाई गई। कमी इन मरीजों को चिकित्सक ने दवा देकर बाहर दिखाने की भी सलाह दे दी। संभावना है कि जिन मरीजाें ने प्लेट्सलेट्स की कमी पाई गई वह डेंगू से भी पीड़ित हो सकते हैं, पर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि से इंकार कर दिया।
इधर, निजी अस्पतालोें में भी बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसकोे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित नजर आ रहा। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की कतार लगी थी। हरपालपुर से आए रमेश, सांडी के रामनिवास, पप्पू, रामकली आदि मरीजाें का कहना था कि उन्हें कई दिनाें से बुखार आ रहा है।
वह अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने आए है। इधर, एक निजी नर्सिंग होम पर मन्नापुरवा निवासी सुशीला, ममता ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित हैं। उधर, टड़ियावां क्षेत्र के उमरी, बेलहा, खपरा आदि गांवों में विचित्र बुखार पैर पसारे हैं। बुखार से पीड़ित मरीज सरकारी और निजी अस्पतालाें में उपचार को जा रहे है।
उधर, जिले मेें डेंगू की जांच की व्यवस्था नहीं है। इस कारण रोगियों को चिन्हीकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं जिला अस्पताल में डेंगू के लिए वार्ड तो आरक्षित कर दिया गया है, पर वहां पर भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
हालांकि, इस माह जिला अस्पताल में हुए करीब 128 मरीजों की जांच मेें 24 को मियादी बुखार दो को मलेरिया और छह मरीजों में प्लेट्सलेट्स की कमी पाई गई। कमी इन मरीजों को चिकित्सक ने दवा देकर बाहर दिखाने की भी सलाह दे दी। संभावना है कि जिन मरीजाें ने प्लेट्सलेट्स की कमी पाई गई वह डेंगू से भी पीड़ित हो सकते हैं, पर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि से इंकार कर दिया।
इधर, निजी अस्पतालोें में भी बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसकोे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित नजर आ रहा। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की कतार लगी थी। हरपालपुर से आए रमेश, सांडी के रामनिवास, पप्पू, रामकली आदि मरीजाें का कहना था कि उन्हें कई दिनाें से बुखार आ रहा है।
वह अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने आए है। इधर, एक निजी नर्सिंग होम पर मन्नापुरवा निवासी सुशीला, ममता ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित हैं। उधर, टड़ियावां क्षेत्र के उमरी, बेलहा, खपरा आदि गांवों में विचित्र बुखार पैर पसारे हैं। बुखार से पीड़ित मरीज सरकारी और निजी अस्पतालाें में उपचार को जा रहे है।
उधर, जिले मेें डेंगू की जांच की व्यवस्था नहीं है। इस कारण रोगियों को चिन्हीकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं जिला अस्पताल में डेंगू के लिए वार्ड तो आरक्षित कर दिया गया है, पर वहां पर भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।