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Hardoi News: डीएपी के लिए घंटों लाइन लगाने के बाद भी किसान मायूस
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बिलग्राम। रबी फसलों की बुवाई के लिए डीएपी लेने को सुबह से ही विक्रय केंद्रों पर दिव्यांग और महिलाएं भी लाइन लगा रहे हैं। पुरुष किसानों के साथ दिव्यांग और महिलाओं के आने से क्रेंद्र पर किसानों की भीड़ जुट रही है। किसानों की संख्या के अनुपात में डीएपी की बोरी कम पड़ जा रही हैं। सुबह से लाइन में लगने वाले किसानों को स्टॉक समाप्त होने पर मायूस होना पड़ रहा है।
बिलग्राम पीसीएफ गोदाम पर करीब 15 दिन बाद डीएपी आई। जानकारी लगते ही शनिवार की सुबह से ही पुरुषों के साथ महिलाएं और दिव्यांग लाइन में लगने लगे। किसानों की भीड़ देखकर डीएपी के वितरण के लिए एसडीएम राकेश सिंह ने लेखपाल और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में वितरण कराया।
हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार, ककरा पीसीएफ विक्रय केंद्र पर शुक्रवार को 600 बोरी डीएपी मिलने की जानकारी पर शनिवार को सुबह से ही किसानों की लाइन लग गई। चौका, चूल्हा छोड़कर डीएपी लेने के लिए महिलाएं भी केंद्र पर आईं थी। पीसीएफ केंद्र प्रभारी भूप सिंह ने बताया कि 600 बोरी डीएपी मिली है। जिसका वितरण किया गया है। डीएपी लेने के लिए बोरी के अनुपात में अधिक संख्या में किसान आए थे।
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बिलग्राम पीसीएफ गोदाम पर करीब 15 दिन बाद डीएपी आई। जानकारी लगते ही शनिवार की सुबह से ही पुरुषों के साथ महिलाएं और दिव्यांग लाइन में लगने लगे। किसानों की भीड़ देखकर डीएपी के वितरण के लिए एसडीएम राकेश सिंह ने लेखपाल और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में वितरण कराया।
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हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार, ककरा पीसीएफ विक्रय केंद्र पर शुक्रवार को 600 बोरी डीएपी मिलने की जानकारी पर शनिवार को सुबह से ही किसानों की लाइन लग गई। चौका, चूल्हा छोड़कर डीएपी लेने के लिए महिलाएं भी केंद्र पर आईं थी। पीसीएफ केंद्र प्रभारी भूप सिंह ने बताया कि 600 बोरी डीएपी मिली है। जिसका वितरण किया गया है। डीएपी लेने के लिए बोरी के अनुपात में अधिक संख्या में किसान आए थे।
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