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फरहीन का मां-बाप के बगैर भी हौसला कायम
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 24 May 2015 12:18 AM IST
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पिता के बाद मां का साया भी सिर से उठने के बावजूद
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फरहीन बानो ने अपने हौसलों को दम तोड़ने नहीं दिया। आर्थिक और सामाजिक
कठिनाइयों का सामना करने के साथ ही उसने न केवल अपनी पढ़ाई जारी रखी,
बल्कि इस वर्ष इंटरमीडिएट (विज्ञान वर्ग) की परीक्षा में 74.8 प्रतिशत अंक
हासिल कर खुद को दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत भी बना दिया।
अब वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है। मोहल्ला लोहानी की फरहीन बानो के पिता कमरुद्दीन का निधन वर्ष 12 मेें ही हो गया था। परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां आ गईं। एक समय आया कि फरहीन को अपनी पढ़ाई बीच मेें ही रोक देनी पड़ी, पर उसने हार नहीं मानी।
आर्थिक कठिनाइयों से दो-दो हाथ करने को उसने कसबे के एक प्राइवेट स्कूल में टीचिंग शुरू कर दी। इसके बदले में मिलने वाली तनख्वाह से उसने पढ़ाई जारी रखी। फिर वर्ष 14 में मां रईसा बेगम का भी निधन हो गया। अब बिना मां-बाप के उसके सामने घर की जिम्मेदारियों भी आ गईं। फिर भी उसने अपनी हौसलों की उड़ान जारी रखी।
फरहीन के अनुसार उसने घर में बच्चों को ट्यूशन आदि देना भी शुरू कर दिया। समस्याआें के बीच इस बार उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी। उसने 74.8 प्रतिशत अंक किए। यही नहीं मैथ, फिजिक्स और हिंदी विषयों में उसने विशेष योग्यता भी प्राप्त की। फरहीन के अनुसार वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है।
अब वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है। मोहल्ला लोहानी की फरहीन बानो के पिता कमरुद्दीन का निधन वर्ष 12 मेें ही हो गया था। परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां आ गईं। एक समय आया कि फरहीन को अपनी पढ़ाई बीच मेें ही रोक देनी पड़ी, पर उसने हार नहीं मानी।
आर्थिक कठिनाइयों से दो-दो हाथ करने को उसने कसबे के एक प्राइवेट स्कूल में टीचिंग शुरू कर दी। इसके बदले में मिलने वाली तनख्वाह से उसने पढ़ाई जारी रखी। फिर वर्ष 14 में मां रईसा बेगम का भी निधन हो गया। अब बिना मां-बाप के उसके सामने घर की जिम्मेदारियों भी आ गईं। फिर भी उसने अपनी हौसलों की उड़ान जारी रखी।
फरहीन के अनुसार उसने घर में बच्चों को ट्यूशन आदि देना भी शुरू कर दिया। समस्याआें के बीच इस बार उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी। उसने 74.8 प्रतिशत अंक किए। यही नहीं मैथ, फिजिक्स और हिंदी विषयों में उसने विशेष योग्यता भी प्राप्त की। फरहीन के अनुसार वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है।