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भूकंप से कांपा कलेजा, हर कोई मैदान की ओर भागा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 25 Apr 2015 11:44 PM IST
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कार्यालय में बैठे राम कुमार ने जैसे ही यह बात कही, बहल में बैठे रमेश को
भी कुछ ऐसा ही महसूस हुआ। ये दोनों कुछ समय पाते तब तक हरिशंकर ने आवाज दी।
भागो, भूकंप आ गया। फिर क्या था, हर कदम सीढ़ियों की ओर दौड़ पड़े।
अगले ही पल पूरा का पूरा विकास भवन खाली हो गया। कुछ ऐसा ही नजारा अन्य कार्यालयों और निजी आवासों का भी रहा। भूकंप की जानकारी मिलते ही कोई घर छोड़ सड़क पर पहुंच गया तो कोई मैदान में। कुछ पल बाद जब लोग घरों में घुसे तो भी उनमें दहशत रही। स्कूल में जल्दी छुट्टी कर दी गई। लोगों का दिल कांप उठा।
शनिवार को सभी ने भूकंप का अहसास साथ-साथ किया। शनिवार को पूर्वाह्न 11:42 से 11:46 बजे तक डोली धरती से हड़कंप मच गया। शहर स्थित स्टेट बैंक में बैठे व्यापारी नेता अचल अग्रवाल ने कुर्सी हिलते देखी तो पहले उन्हें खुद की तबियत गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ, पर जब कुर्सियां हिलीं तो बोले, लगता भूकंप आ गया।
इतना सुनते ही काउंटर पर बैठे कर्मचारी से लेकर खाताधारकों में बैंक से बाहर निकलने की होड़ मच गई। कलक्ट्रेट में फरियादियों की समस्याएं सुन रहे डीएम रमेश मिश्र की जब कुर्सी हिली तो वह कुछ समझ न पाए, पर जब मौजूद लोगों ने भी झटका महसूस किया तो आनन फानन में सभी लोग बाहर निकलकर ग्राउंड में खड़े हो गए।
उधर, चंदीपुरवा निवासी समाजसेवी संजय अवस्थी ने अपने परिवार के साथ आस पास के लोगाें को आनन फानन में घर से निकलवाकर सड़क पर कर दिया। झटकों से स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई। इतना ही नहीं दो बार झटके महसूस होने के कारण कोचिंग में भी ताला लटका रहा। ग्रामीण इलाके में भी करीब- करीब यही हालत रही।
मल्लावां क्षेत्र में व्यापारी अपने प्रतिष्ठान छोड़कर सड़क पर आ गए। यहां स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में करीब एक सैकड़ा ग्राहक मौजूद थे, पर तेज झटके महसूस करते ही वह बैंक छोड़कर भाग खड़े हुए। प्रबंधक आरसी यादव ने चैनल पूरा खुलवाकर बैंक से लोगों के निकलने का रास्ता आसान कर दिया।
बिलग्राम क्षेत्र में लोगों ने पहली बार भूकंप के झटकों का अहसास किया। लोग अपना काम छोड़कर सड़क पर आ गए। सांडी, शाहाबाद आदि इलाके में भी में झटके महसूस होते ही दुकानदारों ने प्रतिष्ठान छोड़े और लोग अपने घरों से निकलकर सड़क पर आकर रुके और अपने रिश्तेदारों की कुशल झेम पूछी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की प्रभारी वार्डन चित्रा सिंह व लेखाकार संदीप दीक्षित ने स्कूल की छात्राओें को कक्षाओं से निकालकर विद्यालय परिसर में खड़ा कर दिया।
अगले ही पल पूरा का पूरा विकास भवन खाली हो गया। कुछ ऐसा ही नजारा अन्य कार्यालयों और निजी आवासों का भी रहा। भूकंप की जानकारी मिलते ही कोई घर छोड़ सड़क पर पहुंच गया तो कोई मैदान में। कुछ पल बाद जब लोग घरों में घुसे तो भी उनमें दहशत रही। स्कूल में जल्दी छुट्टी कर दी गई। लोगों का दिल कांप उठा।
शनिवार को सभी ने भूकंप का अहसास साथ-साथ किया। शनिवार को पूर्वाह्न 11:42 से 11:46 बजे तक डोली धरती से हड़कंप मच गया। शहर स्थित स्टेट बैंक में बैठे व्यापारी नेता अचल अग्रवाल ने कुर्सी हिलते देखी तो पहले उन्हें खुद की तबियत गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ, पर जब कुर्सियां हिलीं तो बोले, लगता भूकंप आ गया।
इतना सुनते ही काउंटर पर बैठे कर्मचारी से लेकर खाताधारकों में बैंक से बाहर निकलने की होड़ मच गई। कलक्ट्रेट में फरियादियों की समस्याएं सुन रहे डीएम रमेश मिश्र की जब कुर्सी हिली तो वह कुछ समझ न पाए, पर जब मौजूद लोगों ने भी झटका महसूस किया तो आनन फानन में सभी लोग बाहर निकलकर ग्राउंड में खड़े हो गए।
उधर, चंदीपुरवा निवासी समाजसेवी संजय अवस्थी ने अपने परिवार के साथ आस पास के लोगाें को आनन फानन में घर से निकलवाकर सड़क पर कर दिया। झटकों से स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई। इतना ही नहीं दो बार झटके महसूस होने के कारण कोचिंग में भी ताला लटका रहा। ग्रामीण इलाके में भी करीब- करीब यही हालत रही।
मल्लावां क्षेत्र में व्यापारी अपने प्रतिष्ठान छोड़कर सड़क पर आ गए। यहां स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में करीब एक सैकड़ा ग्राहक मौजूद थे, पर तेज झटके महसूस करते ही वह बैंक छोड़कर भाग खड़े हुए। प्रबंधक आरसी यादव ने चैनल पूरा खुलवाकर बैंक से लोगों के निकलने का रास्ता आसान कर दिया।
बिलग्राम क्षेत्र में लोगों ने पहली बार भूकंप के झटकों का अहसास किया। लोग अपना काम छोड़कर सड़क पर आ गए। सांडी, शाहाबाद आदि इलाके में भी में झटके महसूस होते ही दुकानदारों ने प्रतिष्ठान छोड़े और लोग अपने घरों से निकलकर सड़क पर आकर रुके और अपने रिश्तेदारों की कुशल झेम पूछी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की प्रभारी वार्डन चित्रा सिंह व लेखाकार संदीप दीक्षित ने स्कूल की छात्राओें को कक्षाओं से निकालकर विद्यालय परिसर में खड़ा कर दिया।