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Hardoi News: तीन साल बाद भी मरीजों को नहीं मिल सकी वेंटिलेटर की सुविधा

Fri, 15 Sep 2023 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 11:30 PM IST
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Even after three years, patients could not get the facility of ventilator
संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। कोविड-19 महामारी के दौरान मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की कीमत वाले 50 वेंटिलेटर करीब तीन साल से धूल खा रहे है। वहीं कुछ वेंटिलेटर मरीजों के पास सिर्फ शोपीस बने रखे हैं। कारण है स्वास्थ्य विभाग की ओर से वेंटिलेटर तो उपलब्ध करा दिए गए हैं, लेकिन इसे चलाने के लिए प्रशिक्षित स्टॉफ व यूनिट तक नहीं बनी है।
मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में कोरोना काल के समय में मरीज को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की दिक्कत हुई थी। 50 वेंटीलेटर मेडिकल कॉलेज में हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन वेंटिलेटरों से मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। कुछ तो मरीजों के बेड पास इंस्टॉल कर दिए हैं, लेकिन चलते नहीं हैं। कुछ वेंटिलेटर सर्जिकल वार्ड के दो कमरों में रखे धूल फांक रहे हैं।
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इन मरीजों को होती है वेंटिलेटर की जरूरत
मेडिकल कॉलेज के डॉ. कमर हैदर ने बताया कि जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 60 के नीचे चला जाता है। उन्हें वेंटिलेटर पर लेना चाहिए। सांप काटने वाले मरीज को अगर सांस लेने में दिक्कत तो उसे भी वेंटिलेटर पर लेना चाहिए। इसके अलावा सांस वाले मरीज व या सिर में गंभीर चोट का होना, दिल का रोगी आदि गंभीर मरीजों वेंटिलेटर पर रखने की जरूरत पड़ती है। वेंटिलेटर की किसी भी समय पर जरूरत पड़ सकती है।
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केस - एक
पाली थाना के बैजू निवासी खेमकरण (65) अचानक बेहोश हो गए थे। जिसके बाद उनके परिजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया था। जहां पर उनका इलाज चल रहा है। तीमारदार नाती पवन कुमार ने बताया तीन दिनों से वह मरीज के साथ में वार्ड में हैं, लेकिन एक भी दिन वेंटिलेटर मशीन नहीं चलाई गई।

केस- दो
लोनार थाना के एजा फॉर्म निवासी आसमीन (20) पुत्री जमालु को दो दिन पहले बुखार आने से झटके आने शुरू हो गए थे। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया। उनका कहना है कि पिछले तीन दिनों से उनका इलाज चल रहा है, लेकिन वेंटिलेटर का लाभ किसी मरीज को नहीं मिल रहा है।




वर्जन
मेडिकल कॉलेज में करीब 50 वेंटीलेटर है। अभी चलाने वाला कोई कर्मचारी नहीं है। एक एनेस्थेटिस्ट मिला है। फिलहाल वेंटिलेटर चलाने के लिए पूरी यूनिट स्थापित करने की प्रकिया चल रही है।
डॉ. आर्य देश दीपक
प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज
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