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Hardoi News: पांच साल बाद भी क्षेत्र, जिला और ग्राम पंचायतों ने नहीं दिया 21 करोड़ का हिसाब
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हरदोई। निर्माण और खरीदारी आदि पर किए गए भुगतान का क्षेत्र, जिला और ग्राम पंचायतों ने पांच साल बाद भी 21 करोड़ से अधिक रुपये का हिसाब-किताब नहीं दिया है। हिसाब-किताब न देने से 51 ऑडिट आपत्ति लंबित हैं। इस पर सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने जिला पंचायत के (एएमए) अपर मुख्य अधिकारी को ऑडिट आपत्ति परिपालन की जिम्मेदारी सौंपी है।
तीन स्तरीय पंचायतों में निर्माण, खरीदारी और मानदेय आदि भुगतान के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से बड़ी मात्रा में रुपये दिए जाते हैं। शासन ने साथ ही इसके खर्च के ऑडिट की भी व्यवस्था दी है। सहकारी समितियां और पंचायत के जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने साल 2022-21 और 2021-2022 में किए गए ऑडिट की 51 आपत्तियों का निस्तारण न कराए जाने पर सीडीओ को पत्र लिखा था। इसमें जिला पंचायत की एक, नौ क्षेत्र पंचायतों और 41 ग्राम पंचायतों की आपत्तियों लंबित हैं।सीडीओ ने पांच से ऑडिट आपत्ति का निराकरण न कराने पर नाराजगी जाहिर की।
जिला पंचायत के एएमए, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ और सहायक विकास अधिकारी पंचायत को 60 दिन के अंदर आपत्तियों के परिपालन के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि ऑडिट आपत्ति में करीब जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायतों ने करीब 21 करोड़, 15 लाख, 83 हजार, 729 रुपये का हिसाब-किताब नहीं दिया है।
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ऐसे ही क्षेत्र पंचायतों में हरियावां में 70 हजार, 778 रुपये, अहिरोरी में 27 लाख, 59 हजार, 024 रुपये, बेहंदर में दो करोड़, 51 लाख, 76 हजार, 821 रुपये, कछौना में 93 लाख, 26 हजार, 868 रुपये पिहानी में छह करोड़, 31 लाख, 45 हजार, 881 रुपये, हरपालपुर में सात लाख, 62 हजार, 747 रुपये, भरखनी में एक लाख, 82 हजार, 471 रुपये, संडीला में दो करोड़, 15 लाख, 94 हजार, 703 रुपये और टोडरपुर में 43 लाख, 22 हजार, 528 रुपये का हिसाब-किताब नहीं मिला है। ऐसे ही 41 ग्राम पंचायतों में करीब आठ करोड़, 42 लाख, 30 हजार 364 रुपये का हिसाब नहीं मिला है।
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तीन स्तरीय पंचायतों में निर्माण, खरीदारी और मानदेय आदि भुगतान के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से बड़ी मात्रा में रुपये दिए जाते हैं। शासन ने साथ ही इसके खर्च के ऑडिट की भी व्यवस्था दी है। सहकारी समितियां और पंचायत के जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने साल 2022-21 और 2021-2022 में किए गए ऑडिट की 51 आपत्तियों का निस्तारण न कराए जाने पर सीडीओ को पत्र लिखा था। इसमें जिला पंचायत की एक, नौ क्षेत्र पंचायतों और 41 ग्राम पंचायतों की आपत्तियों लंबित हैं।सीडीओ ने पांच से ऑडिट आपत्ति का निराकरण न कराने पर नाराजगी जाहिर की।
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जिला पंचायत के एएमए, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ और सहायक विकास अधिकारी पंचायत को 60 दिन के अंदर आपत्तियों के परिपालन के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि ऑडिट आपत्ति में करीब जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायतों ने करीब 21 करोड़, 15 लाख, 83 हजार, 729 रुपये का हिसाब-किताब नहीं दिया है।
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ऐसे ही क्षेत्र पंचायतों में हरियावां में 70 हजार, 778 रुपये, अहिरोरी में 27 लाख, 59 हजार, 024 रुपये, बेहंदर में दो करोड़, 51 लाख, 76 हजार, 821 रुपये, कछौना में 93 लाख, 26 हजार, 868 रुपये पिहानी में छह करोड़, 31 लाख, 45 हजार, 881 रुपये, हरपालपुर में सात लाख, 62 हजार, 747 रुपये, भरखनी में एक लाख, 82 हजार, 471 रुपये, संडीला में दो करोड़, 15 लाख, 94 हजार, 703 रुपये और टोडरपुर में 43 लाख, 22 हजार, 528 रुपये का हिसाब-किताब नहीं मिला है। ऐसे ही 41 ग्राम पंचायतों में करीब आठ करोड़, 42 लाख, 30 हजार 364 रुपये का हिसाब नहीं मिला है।