फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   encroachment moovement cancelled due to traders anger

व्यापारियों के आक्रोश से टला अतिक्रमण हटाओ अभियान

Wed, 26 Feb 2020 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 12:03 AM IST
विज्ञापन
encroachment moovement cancelled due to traders  anger
मंडी परिसर में रोड ब्लॉक कर प्रदर्शन करते अध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता व अन्य। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। मंडी शुल्क अदा करने के बाद भी दुकानें उपलब्ध न होने पर रोड पर व्यापार करने वाले व्यापारियों के सामने मंगलवार को मंडी प्रशासन को बैकफुट पर जाना पड़ा। अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस, जेसीबी और फायर ब्रिगेड को बाहर करने की मांग कर व्यापारियों ने कारोबार बंद कर मंडी की मेन रोड जाम कर दी और धरने पर बैठ गए। उनकी मंडी सचिव से तीखी बहस भी हुई। माहौल गर्माने पर सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी मौके पर पहुंच गए। व्यापारी पहले दुकानें देने की मांग पर अड़े रहे। सचिव कार्यालय में दोनों पक्षों की वार्ता के बाद अभियान को टाल दिया गया।
विज्ञापन

मंडी परिसर में 100 से अधिक व्यापारियों ने अस्थायी दुकानें लगा रखी हैं।
अतिक्रमण के कारण सीजन में मंडी में जाम की समस्या बनी रहती है। हाल ही में मंडी प्रशासन ने ऐसे अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने के लिए उन्हें नोटिस जारी किया था। समय सीमा समाप्त होने पर मंगलवार सुबह दस बजे पुलिस बल गेट पर पहुंच गया। जेसीबी व फायर बिग्रेड की गाड़ी भी परिसर में पहुंच गई। इसकी जानकारी मिलते ही व्यापार मंडल के अध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मंडी गेट पर पहुंच गए। उन्होंने अभियान चलाने पर ऐतराज जताया।
विज्ञापन

व्यापारियों और सचिव बबलू लाल के बीच तीखी बहस हुई। व्यापारी अभियान रोके जाने समेत अधिकारियों व मंडी प्रशासन से वार्ता की मांग करने लगे। इधर मंडी का माहौल गर्माया तो सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट जंगबहादुर यादव व सीओ सिटी विजय कुमार राना मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने पर व्यापारी वार्ता के लिए राजी हो गए। इसके बाद मंडी सचिव के कार्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी व सचिव ने व्यापारियों के साथ वार्ता की। कई बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद अभियान को फिलहाल टाल दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन बिंदुओं पर बनी सहमति
सभापति व सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सचिव कार्यालय में हुई वार्ता के दौरान तय हुआ कि परिसर में बने छह टिन शेड में से व्यापारी चार शेड खाली करेंगे। जिन लोगों ने एक लाइसेंस पर एक दुकान या एक अस्थायी दुकान से ज्यादा जगह कब्जा रखी है, वह स्वयं अतिक्रमण हटाएंगे। निष्क्रिय पड़ी फर्म के कब्जे से परिसर की भूमि मुक्त कराई जाएगी। साथ ही व्यापारी सड़क पर आवक नहीं लगाएंगे। आवक या अन्य सामान नाली के पीछे बने हिस्से तक ही सीमित रखा जाएगा।
इसके साथ ही ये तय हुआ कि जिन लोगों ने आवश्यकता से अधिक जगह कब्जा कर रखी है, मंडी प्रशासन ऐसे लोगों की सूची तैयार करेगा। सूची तैयार कर व्यापारियों से वार्ता के बाद अतिक्रमण हटवाए जाएंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि मंडी की व्यवस्था को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। जो भी नियमों का उल्लंघन व व्यवस्था प्रभावित करेगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंडी में पानी, शौचालय और सड़क की समस्या
सचिव कार्यालय में वार्ता के दौरान व्यापारी नेताओं ने मंडी प्रशासन के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। कहा कि करोड़ों रुपये का टैक्स देने वाली मंडी में सीजन पर हजारों किसान आते हैं। व्यापारियों और किसानों की सुविधा का मंडी प्रशासन को कोई ध्यान नहीं है। परिसर में पेयजल के लिए नल व शौचालय तक नहीं है। सड़कें भी अरसे से टूटी पड़ी हैं। यही नहीं परिसर में किसानों और व्यापारियों के रुकने, ठहरने तक का कोई इंतजाम नहीं है। मंडी को मूलभूत सुविधाओं से लैस करने की बजाय मंडी प्रशासन व्यापारियों को परेशान कर रहा है।
दुकानें बनें तो खुद दूर हो जाएगी परेशानी
मंडी सभापति, सिटी मजिस्ट्रेट जंगबहादुर यादव की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान व्यापारियों ने कहा कि परिसर में तीन सौ दुकानें, जबकि सात सौ से अधिक व्यापारी पंजीकृत लाइसेंसधारी हैं। परिसर में दुकानों का अभाव है, ऐसे मेें टाट लगाकर व्यापार करना मजबूरी है।
कहा कि जो भी लाइसेंस धारी हैं, वह मंडी शुल्क अदा कर रहे हैं। ऐसे में उनकी दुकानें उजाड़ना तर्कसंगत नहीं हैं। व्यापारी नेताओं ने कहा कि परिसर में पर्याप्त दुकानों का निर्माण हो जाए तो व्यापारियों की समस्या खत्म हो जाएगी। मामला संज्ञान में आने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मंडी सचिव को इस दिशा मेें प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चार घंटे तक रही गहमागहमी, डटे रहे सैकड़ों व्यापारी
मंडी परिसर से अतिक्रमण हटाए जाने की भनक लगते ही बड़ी संख्या में व्यापारी अध्यक्ष वेद गुप्ता की अगुवाई में मंडी गेट के पास एकत्र हो गए। सुबह दस बजे से शुरू हुआ बहस व विरोध का सिलसिला वार्ता खत्म होने तक चलता रहा। चार घंटे के दौरान मंडी का माहौल खासा गर्म रहा। गेट से लेकर सचिव कार्यालय तक व्यापारियों का जमावड़ा लगा रहा।

व्यापारियों का सहयोग अपेक्षित
मंडी परिसर की व्यवस्था बनाए रखने में व्यापारियों का सहयोग भी अपेक्षित है। अधिकारियों की मौजूदगी में व्यापारियों से वार्ता हुई है, इसके अनुसार ही आगे की रूपरेखा तय की जाएगी। - बबलू लाल, मंडी सचिव, हरदोई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed