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Hardoi News: टिन शेड के नीचे इमरजेंसी वार्ड, कूलर बंद तो बाजार से लाए पंखा
Mon, 31 Mar 2025 11:29 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:29 PM IST
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फोटो-22- इमरजेंसी के ग्रीन वार्ड में टीन शेड के नीचे भर्ती मरीज। संवाद
फोटो-23- सर्जरी विभाग में कूलर न चलने से बेड के पास घर से लाए हुए पंखे को लगाए भर्ती मरीज रेहाना। संवाद
- वार्डों में 40 कूलर और 25 से अधिक एसी लगे हैं, लेकिन अभी तक यह उपकरण काम नहीं कर रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावे के बीच बढ़ी हुई गर्मी मरीजों और तीमारदारों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्यियस तक पहुंच गया है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के वार्डाें में गर्मी से निपटने के कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहे। एक तो टिनशेड के नीचे बने वार्ड में मरीज भर्ती हो रहे हैं ऊपर से कूलर और एसी भी बंद पड़े हैं। मेडिकल काॅलेज के विभिन्न वार्डाें में 40 कूलर और 25 से अधिक एसी लगे हैं, लेकिन अभी तक यह उपकरण काम नहीं कर रहे हैं। गर्मी को देखते हुए कोई वार्ड अलग से नहीं बनाया गया है।
हरदोई। इमरजेंसी का ग्रीन जोन टीन शेड के नीचे ही बना हुआ है। इसमें सात बेड पड़े हुए हैं। वार्ड में एसी तो लगा नहीं है, अभी तक कूलर भी नहीं शुरू किए गए। दिन में गर्मी से बचाव करने के लिए मरीजों के तीमारदारों को हाथ से पंखा डुलाना पड़ता है। मरीज श्रीदेवी ने बताया कि दिन में टीन शेड काफी गर्म हो जाता है। बिस्तर पर लेटना मुश्किल हो जाता है।
हरदोई। हरियावां के बोझवा निवासी अब्दुल हनीफ की पत्नी रेहाना का पथरी का ऑपरेशन 25 मार्च को हुआ था। आपरेशन के बाद टांके लगाए गए हैं। चिकित्सक ने टांकों को गर्मी से बचाने के लिए कहा। मरीज को सर्जरी विभाग के वार्ड में भर्ती कर दिया गया। मरीज को भर्ती तो कूलर के सामने पड़े बेड पर किया गया लेकिन कूलर चल ही नहीं रहा है। ऐसे में हनीफ ने बाजार से 1200 रुपये का नया पंखा खरीद कर रेहाना के बेड के पास लगाया है।
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वर्जन
गर्मी को लेकर अभी अलग से कोई वार्ड तो नहीं बनाया गया है लेकिन कोई मरीज आएगा तो उसे उपचार दिया जाएगा। वार्ड में भी बंद पड़े कूलर और एसी को जल्द ही चालू करवा दिया जाएगा। इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। जो उपकरण बंद हो गए हैं उन्हें सुधरवाकर मरीजों को राहत दी जाएगी।-डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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फोटो-23- सर्जरी विभाग में कूलर न चलने से बेड के पास घर से लाए हुए पंखे को लगाए भर्ती मरीज रेहाना। संवाद
- वार्डों में 40 कूलर और 25 से अधिक एसी लगे हैं, लेकिन अभी तक यह उपकरण काम नहीं कर रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावे के बीच बढ़ी हुई गर्मी मरीजों और तीमारदारों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्यियस तक पहुंच गया है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के वार्डाें में गर्मी से निपटने के कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहे। एक तो टिनशेड के नीचे बने वार्ड में मरीज भर्ती हो रहे हैं ऊपर से कूलर और एसी भी बंद पड़े हैं। मेडिकल काॅलेज के विभिन्न वार्डाें में 40 कूलर और 25 से अधिक एसी लगे हैं, लेकिन अभी तक यह उपकरण काम नहीं कर रहे हैं। गर्मी को देखते हुए कोई वार्ड अलग से नहीं बनाया गया है।
हरदोई। इमरजेंसी का ग्रीन जोन टीन शेड के नीचे ही बना हुआ है। इसमें सात बेड पड़े हुए हैं। वार्ड में एसी तो लगा नहीं है, अभी तक कूलर भी नहीं शुरू किए गए। दिन में गर्मी से बचाव करने के लिए मरीजों के तीमारदारों को हाथ से पंखा डुलाना पड़ता है। मरीज श्रीदेवी ने बताया कि दिन में टीन शेड काफी गर्म हो जाता है। बिस्तर पर लेटना मुश्किल हो जाता है।
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हरदोई। हरियावां के बोझवा निवासी अब्दुल हनीफ की पत्नी रेहाना का पथरी का ऑपरेशन 25 मार्च को हुआ था। आपरेशन के बाद टांके लगाए गए हैं। चिकित्सक ने टांकों को गर्मी से बचाने के लिए कहा। मरीज को सर्जरी विभाग के वार्ड में भर्ती कर दिया गया। मरीज को भर्ती तो कूलर के सामने पड़े बेड पर किया गया लेकिन कूलर चल ही नहीं रहा है। ऐसे में हनीफ ने बाजार से 1200 रुपये का नया पंखा खरीद कर रेहाना के बेड के पास लगाया है।
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गर्मी को लेकर अभी अलग से कोई वार्ड तो नहीं बनाया गया है लेकिन कोई मरीज आएगा तो उसे उपचार दिया जाएगा। वार्ड में भी बंद पड़े कूलर और एसी को जल्द ही चालू करवा दिया जाएगा। इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। जो उपकरण बंद हो गए हैं उन्हें सुधरवाकर मरीजों को राहत दी जाएगी।-डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज