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नहीं खुले बंडल, पदाधिकारी आपस में भिड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 03 Apr 2015 12:36 AM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन
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चौथे दिन भी शुरू नहीं हो सका। मूल्यांकन कार्य करने को संगठन के
पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। टीचरों ने मूल्यांकन केंद्रों पर
विरोध प्रदर्शन किया। मूल्यांकन कार्य के लिए प्रशासन से व्यापक सुरक्षा
व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की गई है।
वहीं तीनों केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य चौथे दिन गुरुवार को भी शुरू नहीं हो सका। केंद्रों पर अराजकता का माहौल रहा है। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के बीच मूल्यांकन को लेकर तीनों केंद्रों पर टकराव हुआ।
सनातन धर्म इंटर कालेज में अब तक 22 प्रधान परीक्षक और 205 परीक्षकोें ने उपस्थित दर्ज कराई। उप नियंत्रक सियाराम ने बताया कि मूल्यांकन केंद्र पर विरोध से कापियां आवंटित नहीं हुई। इस कारण मूल्यांकन कार्य नहीं हुआ। आरआर इंटर कालेज में 44 प्रधान परीक्षक और 200 परीक्षक उपस्थित हुए।
उप नियंत्रक वीरेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि टोली संख्या 12 की ओर से अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिका का एक बंडल प्रधान परीक्षक ने प्राप्त किया था, पर उसे अपूर्ण ही वापस कर दिया। केंद्र पर मूल्यांकन कार्य नहीं हुआ। जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 55 प्रधान लिपिक और 309 परीक्षकों ने उपस्थित दर्ज कराई।
उप नियंत्रक योगेंद्र कुमार ने बताया कि विरोध से परीक्षकोें ने कापियां नहीं ली। इस कारण मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। उधर, बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन कार्य करने का माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट ने गुरुवार से ऐलान किया था। शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष राजीव मिश्र ने आरआर कालेज पहुंचकर मूल्यांकन कार्य शुरू कराना चाहा।
इस पर वहां पर अन्य संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। इससे वहां पर काफी देर तक संगठन के पदाधिकारियों के बीच विवाद होता रहा है। अंत में जिलाध्यक्ष को वहां से हटना पड़ा। इसके बाद जीआईसी में भी मूल्यांकन कार्य को लेकर संगठन के पदाधिकारियों में टकराव हुआ।
जिस पर विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस केे आने पर विवाद शांत हुआ। उधर, आरआर कालेज में शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों को टीचर विरोधी नारे लगाने पर विवाद शुरू हो गया। दोनों संगठन के पदाधिकारियों ने एक दूसरे के विरोध में नारेबाजी की। जिस पर माहौल बिगड़ गया।
विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रशासन के कर्मियों द्वारा दोनों को समझा बुझा कर शांत किया। उधर, मूल्यांकन कार्य की निगरानी के लिए तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है। एसडी इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर जीआईसी प्रवक्ता जय शंकर मिश्र को पर्यवेक्षक बनाया गया।
वहीं आरआर इंटर कालेज में महेश प्रसाद श्रीवास्तव को पर्यवेक्षक बनाया गया है। जीआईसी में श्रीराम अवस्थी को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। उधर, माध्यमिक शिक्षक संघ के चंदेल गुट, पांडेय गुट और वित्त विहीन महासभा के बैनर तले टीचरों ने तीनों केंद्रों पर विरोध प्रदर्शन किया।
एसडी इंटर कालेज में जिला मंत्री ज्ञानेंद्र उपाध्याय, पुष्पा द्विवेंदी आदि ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं जीआईसी में पांडेय गुट के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेश मित्तल, बादाम सिंह, श्रीनिवास अग्निहोत्री ने प्रदर्शन किया, जबकि आरआर कालेज में आशीष सिंह आदि ने प्रदर्शन किया।
उधर, मूल्यांकन प्रभारी/जीआईसी के प्रधानाचार्य योगेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था कम होने से मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। मूल्यांकन विधिवत शुरू कराने को वह डीएम और एसपी से मिलकर वार्ता करेंगे और शुक्रवार से जो परीक्षक मूल्यांकन कार्य करना चाहते हैं, उनसे मूल्यांकन कार्य शुरू कराया जाएगा।
वहीं तीनों केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य चौथे दिन गुरुवार को भी शुरू नहीं हो सका। केंद्रों पर अराजकता का माहौल रहा है। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के बीच मूल्यांकन को लेकर तीनों केंद्रों पर टकराव हुआ।
सनातन धर्म इंटर कालेज में अब तक 22 प्रधान परीक्षक और 205 परीक्षकोें ने उपस्थित दर्ज कराई। उप नियंत्रक सियाराम ने बताया कि मूल्यांकन केंद्र पर विरोध से कापियां आवंटित नहीं हुई। इस कारण मूल्यांकन कार्य नहीं हुआ। आरआर इंटर कालेज में 44 प्रधान परीक्षक और 200 परीक्षक उपस्थित हुए।
उप नियंत्रक वीरेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि टोली संख्या 12 की ओर से अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिका का एक बंडल प्रधान परीक्षक ने प्राप्त किया था, पर उसे अपूर्ण ही वापस कर दिया। केंद्र पर मूल्यांकन कार्य नहीं हुआ। जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 55 प्रधान लिपिक और 309 परीक्षकों ने उपस्थित दर्ज कराई।
उप नियंत्रक योगेंद्र कुमार ने बताया कि विरोध से परीक्षकोें ने कापियां नहीं ली। इस कारण मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। उधर, बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन कार्य करने का माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट ने गुरुवार से ऐलान किया था। शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष राजीव मिश्र ने आरआर कालेज पहुंचकर मूल्यांकन कार्य शुरू कराना चाहा।
इस पर वहां पर अन्य संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। इससे वहां पर काफी देर तक संगठन के पदाधिकारियों के बीच विवाद होता रहा है। अंत में जिलाध्यक्ष को वहां से हटना पड़ा। इसके बाद जीआईसी में भी मूल्यांकन कार्य को लेकर संगठन के पदाधिकारियों में टकराव हुआ।
जिस पर विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस केे आने पर विवाद शांत हुआ। उधर, आरआर कालेज में शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों को टीचर विरोधी नारे लगाने पर विवाद शुरू हो गया। दोनों संगठन के पदाधिकारियों ने एक दूसरे के विरोध में नारेबाजी की। जिस पर माहौल बिगड़ गया।
विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रशासन के कर्मियों द्वारा दोनों को समझा बुझा कर शांत किया। उधर, मूल्यांकन कार्य की निगरानी के लिए तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है। एसडी इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर जीआईसी प्रवक्ता जय शंकर मिश्र को पर्यवेक्षक बनाया गया।
वहीं आरआर इंटर कालेज में महेश प्रसाद श्रीवास्तव को पर्यवेक्षक बनाया गया है। जीआईसी में श्रीराम अवस्थी को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। उधर, माध्यमिक शिक्षक संघ के चंदेल गुट, पांडेय गुट और वित्त विहीन महासभा के बैनर तले टीचरों ने तीनों केंद्रों पर विरोध प्रदर्शन किया।
एसडी इंटर कालेज में जिला मंत्री ज्ञानेंद्र उपाध्याय, पुष्पा द्विवेंदी आदि ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं जीआईसी में पांडेय गुट के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेश मित्तल, बादाम सिंह, श्रीनिवास अग्निहोत्री ने प्रदर्शन किया, जबकि आरआर कालेज में आशीष सिंह आदि ने प्रदर्शन किया।
उधर, मूल्यांकन प्रभारी/जीआईसी के प्रधानाचार्य योगेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था कम होने से मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। मूल्यांकन विधिवत शुरू कराने को वह डीएम और एसपी से मिलकर वार्ता करेंगे और शुक्रवार से जो परीक्षक मूल्यांकन कार्य करना चाहते हैं, उनसे मूल्यांकन कार्य शुरू कराया जाएगा।