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Hardoi News: गर्रा नदी का पानी 85 सेंटीमीटर बढ़ा, जलभराव से खराब होने लगीं फसलें
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हरदोई/बिलग्राम। गर्रा नदी के पानी में 24 घंटे में 85 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज गई है। पानी 146.90 मीटर गेज पर पहुंच गया है। गंगा नदी में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। खेतों में जलभराव से फसलें सड़ने लगी हैं। वहीं बाढ़ प्रभावितों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गांवों के आसपास पानी भरा होने के बाद भी ग्रामीण अपने घर और झोपड़ी छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से अब गर्रा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दो दिन में गर्रा नदी के पानी में करीब डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी हुई है। गर्रा नदी में उत्तराखंड के नानकसागर बैराज से 2,766 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 25,544 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गंगा नदी में नरौरा बैराज से 83,835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी में राजघाट पर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी 125.19 मीटर गेज पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 136.10 मीटर गेज पर दो दिन से बना हुआ है। गंगा नदी के पानी के निकास से जिले में कटरी क्षेत्र में गांवों की आबादी से पानी बाहर आ गया है, लेकिन गांवों में गंदगी छोड़ गया है।
तहसील बिलग्राम क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित तीन गांवों के लिए के लिए अभी राहत नहीं है। पानी गांवों के बाहरी किनारों पर फैलाव में है। राजघाट से लेकर कटरी क्षेत्र में तिल्ली, मक्का और धान की फसलें सड़ने लगी हैं। तीन गांव के करीब 450 परिवारों को आवागमन से लेकर दैनिक उपयोग की सामग्री और चारा आदि के नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव में गंदगी के कारण लोगों के पैरों में बीमारियां पनपने लगी हैं। एसडीएम एन राम के मुताबिक, करीब 624 बाढ़ राहत राशन किट प्रभावित लोगों में बांटी जा चुकी हैं। कटरी क्षेत्र के प्रत्येक गांव में राजस्व टीम निगरानी पर लगी है। फसलों के लिए दो सौ हेक्टेयर के क्षेत्र का सर्वे राजस्व टीम कर रही है। गंगा कटरी क्षेत्र के अलावा गर्रा मे पानी बढ़ने से सांडी क्षेत्र के मलवा अखवेलपुर गांव की तरफ भी पानी बढ़ने की जानकारी मिली है।
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10 गोशाला के मवेशी शिफ्ट कराए गए
गर्रा नदी सहित गंगा नदी के पानी में बढ़ोतरी और गोशाला में जलभराव की आशंका पर आठ गोशाला के मवेशियों को दूसरी गोशालाओं में शिफ्ट कराया गया है। वहीं दो गोशाला के मवेशियों को बरसात के कारण हुए जलभराव पर शिफ्ट कराया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अहिरोरी की उमरा ब्योरापुर और सांडी की ककेड़ी गोशाला में बरसात से जलभराव होने लगा था। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बावन की लोनार सहित अर्जुनपुर, टिलिया घटवासा, बम्टापुर चिल्लौर, दस्योली, भदार, उमरौली जैतपुर और छितरामऊ के मवेशियों को संगैचामऊ के वृहद गो संरक्षण केंद्र में शिफ्ट कराया गया है। यहां पर छाया की व्यवस्था है, वहीं चारा-दाना और पानी के बंदोबस्त कराए गए हैं।
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बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से अब गर्रा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दो दिन में गर्रा नदी के पानी में करीब डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी हुई है। गर्रा नदी में उत्तराखंड के नानकसागर बैराज से 2,766 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 25,544 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गंगा नदी में नरौरा बैराज से 83,835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी में राजघाट पर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी 125.19 मीटर गेज पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 136.10 मीटर गेज पर दो दिन से बना हुआ है। गंगा नदी के पानी के निकास से जिले में कटरी क्षेत्र में गांवों की आबादी से पानी बाहर आ गया है, लेकिन गांवों में गंदगी छोड़ गया है।
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तहसील बिलग्राम क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित तीन गांवों के लिए के लिए अभी राहत नहीं है। पानी गांवों के बाहरी किनारों पर फैलाव में है। राजघाट से लेकर कटरी क्षेत्र में तिल्ली, मक्का और धान की फसलें सड़ने लगी हैं। तीन गांव के करीब 450 परिवारों को आवागमन से लेकर दैनिक उपयोग की सामग्री और चारा आदि के नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव में गंदगी के कारण लोगों के पैरों में बीमारियां पनपने लगी हैं। एसडीएम एन राम के मुताबिक, करीब 624 बाढ़ राहत राशन किट प्रभावित लोगों में बांटी जा चुकी हैं। कटरी क्षेत्र के प्रत्येक गांव में राजस्व टीम निगरानी पर लगी है। फसलों के लिए दो सौ हेक्टेयर के क्षेत्र का सर्वे राजस्व टीम कर रही है। गंगा कटरी क्षेत्र के अलावा गर्रा मे पानी बढ़ने से सांडी क्षेत्र के मलवा अखवेलपुर गांव की तरफ भी पानी बढ़ने की जानकारी मिली है।
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10 गोशाला के मवेशी शिफ्ट कराए गए
गर्रा नदी सहित गंगा नदी के पानी में बढ़ोतरी और गोशाला में जलभराव की आशंका पर आठ गोशाला के मवेशियों को दूसरी गोशालाओं में शिफ्ट कराया गया है। वहीं दो गोशाला के मवेशियों को बरसात के कारण हुए जलभराव पर शिफ्ट कराया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अहिरोरी की उमरा ब्योरापुर और सांडी की ककेड़ी गोशाला में बरसात से जलभराव होने लगा था। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बावन की लोनार सहित अर्जुनपुर, टिलिया घटवासा, बम्टापुर चिल्लौर, दस्योली, भदार, उमरौली जैतपुर और छितरामऊ के मवेशियों को संगैचामऊ के वृहद गो संरक्षण केंद्र में शिफ्ट कराया गया है। यहां पर छाया की व्यवस्था है, वहीं चारा-दाना और पानी के बंदोबस्त कराए गए हैं।