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Hardoi News: जिले को पांच गो-संरक्षण केंद्र मिले, आठ करोड़ से बनेंगे
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हरदोई। निराश्रित मवेशियों के संरक्षण और बेहतर देखभाल के लिए पांच और वृहद गो-संरक्षण केंद्र बनवाए जाएंगे। इन केंद्रों में करीब दो हजार मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन वृहद गो-सरंक्षण केंद्रों को बनवाए जाने पर आठ करोड़ 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने रुपये दे दिए हैं।
निराश्रित मवेशियों का संरक्षण मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। जिले में निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए 324 आश्रयस्थल संचालित हैं। शासन के उप सचिव अशोक कुमार यादव ने जिले के पांच वृहद गो-संरक्षण केंद्र सहित 11 केंद्रों को बनवाए जाने की जानकारी पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन को दी है। एक वृहद गो-सरंक्षण केंद्र में करीब 400 मवेशियों को संरक्षित किया जाएगा और बनवाए जाने पर 1,60,12,000 रुपये की लागत आएगी। यह गो-संरक्षण केंद्र में ब्लॉक बेहंदर के बेहंदर खुर्द, टड़ियावां के बरगांवा द्वितीय, भरावन के भटपुर द्वितीय, अहिरोरी के मंगोलापुर द्वितीय और सांडी के संगैचामऊ द्वितीय में बनवाए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में से एक निराश्रित मवेशी संरक्षण में जिले से पांच वृहद गो-संरक्षण केंद्र बनवाए जाने के प्रस्ताव भेजे गए थे। शासन ने प्रस्तावों पर मुहर लगा दी और काम कराने के लिए रुपये भी दे दिए हैं। इससे कम संख्या वाले आश्रयस्थल के मवेशियों और निराश्रित मवेशी को संरक्षित किए जाने में आसानी रहेगी। -अनुनय झा, जिलाधिकारी
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प्रदेश में सर्वाधिक निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के साथ ही उनकी नियमित निगरानी सीसी कैमरों से जिला मॉनिटरिंग कमांड सेंटर के माध्यम से कराई जा रही है। पांच नए केंद्रों को बनवाए जाने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था को नामित किया है। -डॉ. अशोक कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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निराश्रित मवेशियों का संरक्षण मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। जिले में निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए 324 आश्रयस्थल संचालित हैं। शासन के उप सचिव अशोक कुमार यादव ने जिले के पांच वृहद गो-संरक्षण केंद्र सहित 11 केंद्रों को बनवाए जाने की जानकारी पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन को दी है। एक वृहद गो-सरंक्षण केंद्र में करीब 400 मवेशियों को संरक्षित किया जाएगा और बनवाए जाने पर 1,60,12,000 रुपये की लागत आएगी। यह गो-संरक्षण केंद्र में ब्लॉक बेहंदर के बेहंदर खुर्द, टड़ियावां के बरगांवा द्वितीय, भरावन के भटपुर द्वितीय, अहिरोरी के मंगोलापुर द्वितीय और सांडी के संगैचामऊ द्वितीय में बनवाए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में से एक निराश्रित मवेशी संरक्षण में जिले से पांच वृहद गो-संरक्षण केंद्र बनवाए जाने के प्रस्ताव भेजे गए थे। शासन ने प्रस्तावों पर मुहर लगा दी और काम कराने के लिए रुपये भी दे दिए हैं। इससे कम संख्या वाले आश्रयस्थल के मवेशियों और निराश्रित मवेशी को संरक्षित किए जाने में आसानी रहेगी। -अनुनय झा, जिलाधिकारी
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प्रदेश में सर्वाधिक निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के साथ ही उनकी नियमित निगरानी सीसी कैमरों से जिला मॉनिटरिंग कमांड सेंटर के माध्यम से कराई जा रही है। पांच नए केंद्रों को बनवाए जाने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था को नामित किया है। -डॉ. अशोक कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी