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Hardoi News: दो यूनिट खून के लिए जमा कराए 12 हजार रुपये फिर भी खून की कमी से गर्भवती की मौत
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल से आशा के कहने पर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराई गई गर्भवती की हालत बिगड़ गई।
खून चढ़ाने के नाम पर दो यूनिट के लिए चिकित्सक ने 12 हजार रुपये जमा करा लिए। देर शाम तक लखनऊ से खून आने की बात कहकर मरीज को भर्ती रखा। देर रात गर्भवती की मौत हो गई।
सुरसा थाना क्षेत्र के जगतपुरवा निवासी सुधीर वाजपेयी की पत्नी रामनंदिनी (32) गर्भवती थीं। सुधीर के मुताबिक प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल गए थे। यहां चिकित्सक ने हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसी बीच एक आशा के कहने पर सुधीर अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर रफी अहमद तिराहे और आरटीओ कार्यालय तिराहे के बीच बने एक प्राइवेट अस्पताल ले गए।
यहां खून की जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर 2,650 रुपये जमा करा लिए गए। यहां मिले चिकित्सक ने खून की कमी की बात कहते हुए दो यूनिट खून के लिए 12 हजार रुपये जमा करा लिए। पत्नी की हालत बिगड़ती देख सुधीर ने जल्द खून चढ़वाने की बात कही, लेकिन चिकित्सक ने लखनऊ से खून आने पर चढ़ाए जाने का आश्वासन देकर उसे चुप करा दिया।
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शनिवार देर रात रामनंदिनी की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया और यूपी 112 पर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम में खून की कमी से मौत होने और मृतका के आठ माह की गर्भवती होने की बात सामने आई है। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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खून चढ़ाने के नाम पर दो यूनिट के लिए चिकित्सक ने 12 हजार रुपये जमा करा लिए। देर शाम तक लखनऊ से खून आने की बात कहकर मरीज को भर्ती रखा। देर रात गर्भवती की मौत हो गई।
सुरसा थाना क्षेत्र के जगतपुरवा निवासी सुधीर वाजपेयी की पत्नी रामनंदिनी (32) गर्भवती थीं। सुधीर के मुताबिक प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल गए थे। यहां चिकित्सक ने हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसी बीच एक आशा के कहने पर सुधीर अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर रफी अहमद तिराहे और आरटीओ कार्यालय तिराहे के बीच बने एक प्राइवेट अस्पताल ले गए।
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यहां खून की जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर 2,650 रुपये जमा करा लिए गए। यहां मिले चिकित्सक ने खून की कमी की बात कहते हुए दो यूनिट खून के लिए 12 हजार रुपये जमा करा लिए। पत्नी की हालत बिगड़ती देख सुधीर ने जल्द खून चढ़वाने की बात कही, लेकिन चिकित्सक ने लखनऊ से खून आने पर चढ़ाए जाने का आश्वासन देकर उसे चुप करा दिया।
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शनिवार देर रात रामनंदिनी की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया और यूपी 112 पर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम में खून की कमी से मौत होने और मृतका के आठ माह की गर्भवती होने की बात सामने आई है। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।