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यूनीफार्म सिलने को कपड़ा ही नहीं दे पा रहा विभाग

Sat, 31 Oct 2020 11:05 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2020 11:05 PM IST
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department not able to give cloth for uniform
हरदोई। जिले में परिषदीय विद्यालयों को निशुल्क यूनिफार्र्म वितरित करने की योजना बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से पिछड़ गई है। स्वयं सहायता समूहों के जरिये 5 लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को यूनिफार्म देने की बात तय होने के बाद अभी 2 लाख 82 हजार विद्यार्थियों को ही यूनिफार्म मिल पाई है।
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफार्म दी जाती है। एक शिक्षा सत्र में प्रत्येक विद्यार्थी को दो सेट (दो शर्ट-दो पैंट, दो शर्ट-दो स्कर्ट) यूनिफार्म दी जाती है। इस बार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और कार्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन स्तर से निर्णय लिया गया था कि यूनिफार्म समूह की महिलाओं से सिलवाई जाए। इसका वितरण समय से हो जाए इसलिए उन विद्यालयों को भी चिह्नित कर दिया गया, जहां यूनिफार्म का वितरण होना था।
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समूहों को कपड़ा बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाना था। यूनिफार्म का शत प्रतिशत वितरण होना तो दूर बेसिक शिक्षा विभाग यूनिफार्म की सिलाई के लिए पर्याप्त कपड़ा ही स्वयं सहायता समूहों को अब तक भी उपलब्ध नहीं करा पाया है।
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लापरवाही का ये है आलम
आलम ये है कि स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख 32 हजार 472 विद्यार्थियों की यूनिफार्म सिलने के लिए कपड़ा उपलब्ध कराया जाना था। इसके सापेक्ष अब तक 4 लाख 50 हजार 55 विद्यार्थियों के लिए ही कपड़ा दिया जा सका है। अब भी 82 हजार से अधिक विद्यार्थियों की यूनिफार्म सिलने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने कपड़ा ही स्वयं सहायता समूहों को नहीं दिया।
कपड़ा देर से मिला, तो देर से सिला
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के जरिये यूनिफार्म सिलवाने का कार्य देख रहे कपिल कुमार कहते हैं कि समूह की महिलाओं ने अच्छा काम किया है। जब यूनिफार्म सिलने के लिए कपड़ा ही समय से नहीं मिला, तो आगे का कार्य रुकना और प्रभावित होना स्वाभाविक ही है। फिर भी जिस तेजी से संभव है कार्य कराया जा रहा है।

एक नजर आंकड़ों पर
- जनपद के 2644 परिषदीय विद्यालयों में स्वयं सहायता समूह की सिली हुई यूनिफार्म होनी थी वितरित
- 2644 परिषदीय विद्यालयों में नामांकित हैं 5,32,472 विद्यार्थी
- 2,82,816 विद्यार्थियों को ही स्वयं सहायता समूहों से मिल पाई है यूनिफार्म
बीएसए का वर्जन
जिलाबेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि कपड़े की आपूर्ति में बजट का कोई अभाव नहीं है। स्वयं सहायता समूहों को पर्याप्त कपड़ा दिया जा चुका है। खंड शिक्षा अधिकारियों ने अवगत कराया है कि कपड़ा दिया जा चुका है, लेकिन अगर कपड़ा न मिलने की बात कही जा रही है तो सोमवार को पूरा प्रकरण दिखवाकर निस्तारित कर दिया जाएगा।
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