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टिकट न मिलने से आघात, सपा में होगी भितरघात
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:11 PM IST
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प्रचार के लिए गीत-संगीत तैयार, लेकिन ‘साइकिल’ पर जारी तकरार
- फोटो : SELF
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हरदोई। टिकट वितरण के बाद सपा में विरोध की चिंगारी भड़कने लगी है। अखिलेश के समर्थन में खुलकर सामने आए कई कार्यकर्ता टिकट न मिलने से खफा हैं। मल्लावां-बिलग्राम में मंसूरी का टिकट कटने से मुस्लिमों में खासी नाराजगी है। मुस्लिम अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए एक प्रधान ओवैसी की पार्टी से संपर्क कर चुके हैं। जबकि कुछ लोगों ने शुक्रवार को लखनऊ में बैठकर आगे की रणनीति तैयार की। बड़े दलों से भी संपर्क किया जा रहा है। दो एक दिन में बड़ा फैसला हो सकता है।
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सपा ने शुक्रवार को जिले की सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए। पार्टी की ये तीसरे सूची है। पहली सूची तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने घोषित की थी। फिर अखिलेश यादव ने तीन प्रत्याशियों की सूची घोषित की। जिसमें दो प्रत्याशियों के क्षेत्र बदल दिए गए थे। शिवपाल ने मल्लावां-बिलग्राम सीट से सुभाष पाल की जगह अनीस मंसूरी को प्रत्याशी घोषित किया गया था। 2012 का चुनाव पीस पार्टी से लड़े सुभाष करीब तीन साल पहले सपा में शामिल हुए थे। बिलग्राम के वीजेआर इंटर कॉलेज मैदान में सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने उन्हें पार्टी ज्वाइन कराने के साथ प्रत्याशी भी घोषित कर दिया था।
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शुक्रवार को घोषित सूची में अनीस का नाम काट दिया गया। मल्लावां-बिलग्राम क्षेत्र में करीब 55 हजार से मुस्लिम वोटर है। आजादी के बाद से पहली बार किसी बड़ी पार्टी ने इस क्षेत्र से मुस्लिम को टिकट दिया था। अनीस का टिकट कटने से मुस्लिम समाज में खासी नाराजगी है। समाज के कुछ लोगों ने चुनाव में उतरने का मन भी बना लिया है। सूत्रों के अनुसार शनिवार को लखनऊ में अनीस मंसूरी ने क्षेत्र के सम्मानित मुस्लिमों के साथ बैठक भी की है। जबकि बिलग्राम ब्लॉक के एक ग्राम प्रधान ओवैसी की पार्टी से टिकट के लिए प्रयास भी शुरू कर दिया है।
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इस सिलसिले में प्रधान शुक्रवार को लखनऊ भी हो आए हैं। सूत्र तो ये भी बताते हैं कि किसी मुस्लिम नेता को बड़े दल से लड़ाने की भी तैयारी है। इसी तरह सवाजयपुर और शाहाबाद में भी कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। दरअसल मुलायम और अखिलेश में टकराव होने पर जो कार्यकर्ता अखिलेश के समर्थन में सड़क पर उतरे उन्हें अपनी अनदेखी खल रही है। अखिलेश का झंडा उठाने वाले कार्यकर्ताओं को शाहाबाद और सवाजपुर से टिकट का आश्वासन भी मिला था। नाराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों को टिकट दिया गया है, उनमें नितिन अग्रवाल को छोड़ कोई भी अखिलेश यादव के समर्थन में खुलकर नहीं आया था।
उनका कहना है कि शाहाबाद में सरताज खां को किस आधार पर टिकट दिया गया है जबकि वह नगर पालिका चुनाव में अपने जमानत तक नहीं बचा पाए थे। इसके अलावा ब्राह्मण प्रत्याशी न उतारने की टीस भी है।
टिकट को लेकर कोई नाराजगी नहीं है। वैसे भी सभी जगह से एक-एक ही आवेदन था तो नाराजगी का सवाल ही नहीं है। जहां तक मल्लावां से अनीस का टिकट कटने की बात है तो वहां पहले भी सुभाष का ही टिकट हुआ था। अनीस बाहर के थे, उनका मल्लावां या हरदोई में है ही क्या। सपाई एक हैं, हम सभी आठ सीटें जीतेंगे। - शराफत अली, जिलाध्यक्ष सपा