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सोनभद्र में शिक्षक पद से भी निलंबित होंगे जिले से हटे डीसी
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हरदोई। किताबों की ढुलाई राशि के भुगतान में गड़बड़ी पर सोनभद्र स्थानांतरित किए गए डीसी सामुदायिक सहभागिता को निलंबित किए जाने के निर्देश परियोजना निदेशक ने जारी कर दिए हैं। गड़बड़ी का पर्दाफाश होने पर डीसी को सोनभद्र उनके मूल स्थान पर भेज दिया गया था।
जिले के 3500 परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत पांच लाख बच्चों को पुस्तकें आवंटित करने के लिए भेजीं गईं थीं। इन पुस्तकों को जिले से लेकर विद्यालय में भेजवाने के लिए ढुलाई के मद में 20 लाख रुपये आवंटित हुए थे। टेंडर न हो पाने से खंड शिक्षा अधिकारियों को किताबों की ढुलाई का काम सौंपा गया। मार्च में भुगतान के लिए फाइल सीडीओ आकांक्षा राना को भेजी गई।
सीडीओ ने शासनादेश से अधिक की भुगतान राशि देखकर फाइल संशोधन के लिए जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित वर्मा को लौटा दी। विल वाउचरों में कुछ कटौती करके सीडीओ को दोबारा फाइल भेज गई। भुगतान में गड़बड़ी की आशंका पर सीडीओ ने राज्य परियोजना निदेशक को जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित वर्मा के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था।
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राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने महत्वपूर्ण पत्रावली बिना समुचित वित्तीय नियमों का परीक्षण किए उच्च अधिकारियों पास भुगतान के लिए भेजे जाने का दोषी पाए जाने पर उनको पद से हटाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद उन्हें मूल विभाग उच्च प्राथमिक विद्यालय, पिपराहार, विकास खंड म्योरपुर जनपद सोनभद्र भेज दिया गया। वहां के लिए भी महानिदेशक ने शिक्षा विभाग को उनके सहायक अध्यापक पद से निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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जिले के 3500 परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत पांच लाख बच्चों को पुस्तकें आवंटित करने के लिए भेजीं गईं थीं। इन पुस्तकों को जिले से लेकर विद्यालय में भेजवाने के लिए ढुलाई के मद में 20 लाख रुपये आवंटित हुए थे। टेंडर न हो पाने से खंड शिक्षा अधिकारियों को किताबों की ढुलाई का काम सौंपा गया। मार्च में भुगतान के लिए फाइल सीडीओ आकांक्षा राना को भेजी गई।
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सीडीओ ने शासनादेश से अधिक की भुगतान राशि देखकर फाइल संशोधन के लिए जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित वर्मा को लौटा दी। विल वाउचरों में कुछ कटौती करके सीडीओ को दोबारा फाइल भेज गई। भुगतान में गड़बड़ी की आशंका पर सीडीओ ने राज्य परियोजना निदेशक को जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित वर्मा के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था।
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राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने महत्वपूर्ण पत्रावली बिना समुचित वित्तीय नियमों का परीक्षण किए उच्च अधिकारियों पास भुगतान के लिए भेजे जाने का दोषी पाए जाने पर उनको पद से हटाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद उन्हें मूल विभाग उच्च प्राथमिक विद्यालय, पिपराहार, विकास खंड म्योरपुर जनपद सोनभद्र भेज दिया गया। वहां के लिए भी महानिदेशक ने शिक्षा विभाग को उनके सहायक अध्यापक पद से निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।