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‘फसली ऋण माफ किया जाए’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 30 Jun 2015 12:28 AM IST
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भारतीय कृषक दल के प्रमुख सरोज दीक्षित ने कहा कि
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सूखा व बेमौसम बारिश से किसानों की खरीफ और रबी की फसलें बर्बाद हो गईं
हैं। किसान कर्जे और जीवन यापन की समस्याओं से कराह रहा है। ऐसे में सरकार
को तत्काल प्रभाव से किसानों का फसली ऋण माफ करते हुए नई फसलों की बुआई आदि
के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराना चाहिए।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कलक्ट्रेट में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ धरना देते हुए भाकृद प्रमुख दीक्षित ने कहा कि दैवी आपदा से पीड़ित प्रत्येक किसान परिवार को समुचित फसली मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने ऐलान किया कि किसानों के हितों के लिए हर स्तर पर धरना प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की जाती रहेगी।
इससे पहले कवि वेदवृत बाजपेयी ने किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने वालों को चेत जाने की चेतावनी देेते हुए कहा कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा देश खुशहाल नहीं हो पाएगा। उन्होंने कृषि उपजों का समुचित मूल्य, कृषि उपजों को अनिवार्य बीमा संरक्षण एवं बीमा संरक्षण भूमिहीन किसानों, बंटाईदार सहित सभी तरह के किसानों तक पहुंचाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि देश में किसानों के हितों के लिए व्यापक संरक्षण एवं उदार नियमों को बनाए जाने की आवश्यकता है, पर दुर्भाग्य है कि किसान दो रुपये किलो आलू बेंचने पर विवश होता है और वही आलू कंपनियाें द्वारा चिप्स के रूप में 2 सौ रुपये किलो बेंचा जाता है। इस मौके पर श्यामाकांत दीक्षित और दीपक शुक्ला आदि मौजूद थे।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कलक्ट्रेट में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ धरना देते हुए भाकृद प्रमुख दीक्षित ने कहा कि दैवी आपदा से पीड़ित प्रत्येक किसान परिवार को समुचित फसली मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने ऐलान किया कि किसानों के हितों के लिए हर स्तर पर धरना प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की जाती रहेगी।
इससे पहले कवि वेदवृत बाजपेयी ने किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने वालों को चेत जाने की चेतावनी देेते हुए कहा कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा देश खुशहाल नहीं हो पाएगा। उन्होंने कृषि उपजों का समुचित मूल्य, कृषि उपजों को अनिवार्य बीमा संरक्षण एवं बीमा संरक्षण भूमिहीन किसानों, बंटाईदार सहित सभी तरह के किसानों तक पहुंचाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि देश में किसानों के हितों के लिए व्यापक संरक्षण एवं उदार नियमों को बनाए जाने की आवश्यकता है, पर दुर्भाग्य है कि किसान दो रुपये किलो आलू बेंचने पर विवश होता है और वही आलू कंपनियाें द्वारा चिप्स के रूप में 2 सौ रुपये किलो बेंचा जाता है। इस मौके पर श्यामाकांत दीक्षित और दीपक शुक्ला आदि मौजूद थे।