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परिजनों को नहीं थी विनीत के कारनामों की भनक

Fri, 27 Jan 2017 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई। Updated Fri, 27 Jan 2017 11:30 PM IST
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The family was not aware of the exploits of unobtrusive
विनीत का घर। - फोटो : amarujala
हरदोई। सेना की जासूसी करने में पकड़े गए विनीत के कारनामों की खबर उसके परिजनों को नहीं थी। करीब एक साल से वोडाफोन की एजेंसी में कार्यरत विनीत का ग्रामीणों और पड़ोसियों से ज्यादा वास्ता नहीं था। वह काम से लौटने पर घर में रहता था। गिरफ्तारी से परिजन और पड़ोसी आहत हैं, हार्ट पेसेंट पिता को उसकी गिरफ्तारी की खबर नहीं दी गई है।
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सेना की जासूसी में पकड़ा गया विनीत दीक्षित (27) पुत्र कमलेश्वर दीक्षित मूल रूप से सुरसा थाना क्षेत्र के कमरौली गांव का निवासी है। उसके पिता एडवोकेट और चाचा नरेश दीक्षित गांव के प्रधान हैं। दो भाइयों में बड़े विनीत ने आरआर डिग्री कॉलेज पौंथेपुरवा से बीए तक पढ़ाई की है। छोटा भाई बारहवीं में पढ़ाता है। करीब एक साल से वह शहर के एमजी मार्ग स्थित वोडाफोन की एजेंसी में नौकरी कर रहा था।
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विनीत का एक पैतृक मकान शहर के मोहल्ला सरायथोक पश्चिमी और दूसरा विभूति नगर में भी है। वह कभी सरायथोक तो कभी विभूति नगर वाले मकान में रहता था। सेना में जासूसी में विनीत की गिरफ्तारी की खबर से परिजन सहमे हुए हैं। शुक्रवार को शहर के दोनों मकानों में कोई नहीं था। गांव के मकान में केवल विनीत के पिता कमलेश्वर चारपाई पर लेटे थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि पिता को हार्ट की बीमारी है, इससे उन्हें विनीत की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। मां और भाई घर पर नहीं थे। गांव के महेंद्र और मोहकम का कहना था कि विनीत बहुत ही सीधा साधा लड़का है। वह चार-पांच दिन में गांव आता था। उसकी कभी किसी से कहासुनी तक नहीं हुई। वह केवल अपने काम से काम रखता था।


पिता के नाम करीब 45 बीघे जमीन है। चाचा नरेश ने बताया कि विनीत को वोडाफोन एजेंसी में पंद्रह हजार रुपये वेतन मिलता था। उसे इस मामले में फंसाया गया है। शहर के दोनों मकानों के आसपास रहने वालों को भी भरोसा नहीं हो रहा है कि विनीत ऐसा कर सकता है। पड़ोसियों ने बताया वह सुबह काम पर चला जाता था और शाम को लौटने पर घर में ही रहता था। वह मोहल्ले में किसी से ज्यादा वास्ता भी नहीं रखता था।
 
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