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पुलिस अभिरक्षा से सजायाफ्ता कैदी फरार
हरदाेई
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:07 PM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : प्रतीकात्मक
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मैनपुरी जनपद के न्यायालय में पेशी पर गया सजायाफ्ता कैदी हरदोई लौटते समय रास्ते में पेशाब करने के बहाने फरार हो गया। पुलिस अभिरक्षा से सजायाफ्ता के फरार होने की खबर से खलबली मच गई। इसकी जानकारी ड्यूटी पर भेजे गए तीन पुलिस कर्मियों ने मंगलवार सुबह जेल प्रशासन को दी। पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मैनपुरी जनपद के किसनी निवासी महेश प्रताप सिंह उर्फ गोविंद चौहान पुत्र निर्मल सिंह और संजय सिंह उर्फ संजू पुत्र गजेंद्र सिंह जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। सोमवार को दोनों कैदियों की पेशी मैनपुरी के एडीजे 5 और एडीजे 6, सिविल जज एफटीसी के न्यायालय में थी। दोनों बंदियों को न्यायालय में पेशी के लिए पुलिस लाइन में तैनात ब्रजनंदन सिंह, किशन पांडेय और धर्मवीर सिंह की अभिरक्षा में मैनपुरी भेजा गया था। मैनपुरी में पेशी से वापस हरदोई आते समय पुलिसकर्मी दोनों कैदियों को फर्रुखाबाद तक ट्रेन से लेकर आए। किशन पांडेय की मानें तो फर्रुखाबाद के निकट किसी स्टेशन पर रात में ट्रेन रुकी लेकिन अंधेरा होने के कारण स्टेशन का पता नहीं चला। यहीं पर महेश प्रताप ने पेशाब जाने की बात कही। इस पर उसकी हथकड़ी खोल दी गई थी। पेशाब करने के बहाने ही महेश फरार हो गया। पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ड्यूटी पर तैनात तीनों पुलिस कर्मियों ने रात भर महेश प्रताप सिंह को खोजने की कोशिश की। मंगलवार सुबह तीनों पुलिस कर्मियों ने संजय सिंह को जिला कारागार में दाखिल कराया तो यहां उनसे महेश के बारे में पूछताछ की गई। पता चला कि वह फरार हो गया है। जेल प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक को पूरी घटना से अवगत कराया। एसपी ने तीनों पुलिस कर्मियों से पूछताछ करने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया। एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि फरार कैदी की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई गईं हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि मैनपुरी में ही पेशी के बाद महेश प्रताप सिंह फरार हो गया था। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस लाइन से मेजर अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम को मैनपुरी भेजा गया है।
शातिर है फरार महेश
जिला कारागार और पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानें तो महेश प्रताप सिंह काफी शातिर अपराधी है। वह नाम और वेश बदलने में माहिर है। मैनपुरी में हुई हत्या के एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मैनपुरी से जब उसे सजा सुनाई गई थी तो फतेहगढ़ कारागार में बंद रखने के आदेश हुए थे। चार सितंबर 2015 को फतेहगढ़ कारागार से हरदोई जिला कारागार भेज दिया गया। उस पर गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के मामले भी मैनपुरी में दर्ज हैं।
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मैनपुरी जनपद के किसनी निवासी महेश प्रताप सिंह उर्फ गोविंद चौहान पुत्र निर्मल सिंह और संजय सिंह उर्फ संजू पुत्र गजेंद्र सिंह जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। सोमवार को दोनों कैदियों की पेशी मैनपुरी के एडीजे 5 और एडीजे 6, सिविल जज एफटीसी के न्यायालय में थी। दोनों बंदियों को न्यायालय में पेशी के लिए पुलिस लाइन में तैनात ब्रजनंदन सिंह, किशन पांडेय और धर्मवीर सिंह की अभिरक्षा में मैनपुरी भेजा गया था। मैनपुरी में पेशी से वापस हरदोई आते समय पुलिसकर्मी दोनों कैदियों को फर्रुखाबाद तक ट्रेन से लेकर आए। किशन पांडेय की मानें तो फर्रुखाबाद के निकट किसी स्टेशन पर रात में ट्रेन रुकी लेकिन अंधेरा होने के कारण स्टेशन का पता नहीं चला। यहीं पर महेश प्रताप ने पेशाब जाने की बात कही। इस पर उसकी हथकड़ी खोल दी गई थी। पेशाब करने के बहाने ही महेश फरार हो गया। पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ड्यूटी पर तैनात तीनों पुलिस कर्मियों ने रात भर महेश प्रताप सिंह को खोजने की कोशिश की। मंगलवार सुबह तीनों पुलिस कर्मियों ने संजय सिंह को जिला कारागार में दाखिल कराया तो यहां उनसे महेश के बारे में पूछताछ की गई। पता चला कि वह फरार हो गया है। जेल प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक को पूरी घटना से अवगत कराया। एसपी ने तीनों पुलिस कर्मियों से पूछताछ करने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया। एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि फरार कैदी की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई गईं हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि मैनपुरी में ही पेशी के बाद महेश प्रताप सिंह फरार हो गया था। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस लाइन से मेजर अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम को मैनपुरी भेजा गया है।
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शातिर है फरार महेश
जिला कारागार और पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानें तो महेश प्रताप सिंह काफी शातिर अपराधी है। वह नाम और वेश बदलने में माहिर है। मैनपुरी में हुई हत्या के एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मैनपुरी से जब उसे सजा सुनाई गई थी तो फतेहगढ़ कारागार में बंद रखने के आदेश हुए थे। चार सितंबर 2015 को फतेहगढ़ कारागार से हरदोई जिला कारागार भेज दिया गया। उस पर गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के मामले भी मैनपुरी में दर्ज हैं।
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