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हरकत में आई पुलिस, हिमांशी के घर पहुंचे सीओ
अमर उजाला ब्यूरो , हरदोई
Updated Mon, 12 Dec 2016 12:04 AM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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लोनार थाना क्षेत्र के बहोरवापुरवा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस की जांच में तेजी आती दिख रही है। रविवार को सीओ हरपालपुर शिक्षिका हिमांशी के घर पहुंचे और उसके परिजनों से जानकारी ली। सीओ हिमांशी के दूसरे मोबाइल पर हर्षवर्धन सिंह के नंबर से किए गए मैसेजों की कापी भी ले गए हैं। उन्होंने मैसेज के बिंदुओं पर जांच करने और तहरीर में आरोपित लोगों पर जांच का आश्वासन भी दिया है। बहोरवापुरवा में हुए दोहरे हत्याकांड में आखिर पुलिस तहरीरों को तवज्जो देने लगी है।
अमर उजाला ने तहरीरों को तवज्जो नहीं दे रही शीर्षक से 9 दिसंबर को खबर छापी थी। इसके बाद रविवार को सीओ हरपालपुर पीके सिंह शहर के मोहल्ला आलू थोक में मृत शिक्षिका हिमांशी उर्फ शीनू श्रीवास्तव (25) के घर पहुंचे। उन्होंने मृतका की मां शिल्पी श्रीवास्तव, भाई हिमांशु और बहन पारुल से कई बिंदुओं पर जानकारी ली। उन्होंने हिमांशी के दूसरे नंबर पर किए गए कॉल और मैसेज की जानकारी भी ली। सीओ सभी मैसेज की कापी भी साथ ले गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में सभी बिंदुआें की बारीकी से जांच की जा रही है।
जांच में यदि अन्य आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि 3 दिसंबर को बहोरवापुरवा गांव में सत्येंद्र उर्फ सुधीर कुशवाहा (35) और हिमांशी की लाश मिली थी। दोनों न्यौरादेव गांव स्थित राजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज में नौकरी करते थे। हिमांशी का शव सत्येंद्र कुशवाहा के सड़क किनारे वाले मकान के नीचे और सत्येंद्र का शव खेतों पर फांसी पर लटका मिला था। दोनों दो दिसंबर शाम करीब पांच-साढ़े पांच बज्रे अपने घरों से निकले थे।
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फांसी पर लटके साक्ष्य सत्येंद्र्र की भी हत्या की गवाही दे रहे थे। इसके बावजूद पुलिस उसकी मौत को खुदकुशी मानकर चल रही थी। 6 दिसंबर को हिमांशी के भाई हिमांशु ने तहरीर देकर हर्षवर्धन व उनके लिपिक पर हत्या का आरोप लगाया था। किंतु पुलिस सत्येंद्र्र पर हत्या करने की बात कह मामले को दबाने में जुटी थी। 7 दिसंबर को मृतक सत्येंद्र के छोटे भाई बृजेंद्र उर्फ खुनखुन ने भी लोनार थाने में तहरीर दी थी। जिसमें हर्षवर्धन और उनके स्कूल के स्टाफ पर सत्येंद्र्र की हत्या का आरोप लगाया गया है।
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अमर उजाला ने तहरीरों को तवज्जो नहीं दे रही शीर्षक से 9 दिसंबर को खबर छापी थी। इसके बाद रविवार को सीओ हरपालपुर पीके सिंह शहर के मोहल्ला आलू थोक में मृत शिक्षिका हिमांशी उर्फ शीनू श्रीवास्तव (25) के घर पहुंचे। उन्होंने मृतका की मां शिल्पी श्रीवास्तव, भाई हिमांशु और बहन पारुल से कई बिंदुओं पर जानकारी ली। उन्होंने हिमांशी के दूसरे नंबर पर किए गए कॉल और मैसेज की जानकारी भी ली। सीओ सभी मैसेज की कापी भी साथ ले गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में सभी बिंदुआें की बारीकी से जांच की जा रही है।
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जांच में यदि अन्य आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि 3 दिसंबर को बहोरवापुरवा गांव में सत्येंद्र उर्फ सुधीर कुशवाहा (35) और हिमांशी की लाश मिली थी। दोनों न्यौरादेव गांव स्थित राजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज में नौकरी करते थे। हिमांशी का शव सत्येंद्र कुशवाहा के सड़क किनारे वाले मकान के नीचे और सत्येंद्र का शव खेतों पर फांसी पर लटका मिला था। दोनों दो दिसंबर शाम करीब पांच-साढ़े पांच बज्रे अपने घरों से निकले थे।
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फांसी पर लटके साक्ष्य सत्येंद्र्र की भी हत्या की गवाही दे रहे थे। इसके बावजूद पुलिस उसकी मौत को खुदकुशी मानकर चल रही थी। 6 दिसंबर को हिमांशी के भाई हिमांशु ने तहरीर देकर हर्षवर्धन व उनके लिपिक पर हत्या का आरोप लगाया था। किंतु पुलिस सत्येंद्र्र पर हत्या करने की बात कह मामले को दबाने में जुटी थी। 7 दिसंबर को मृतक सत्येंद्र के छोटे भाई बृजेंद्र उर्फ खुनखुन ने भी लोनार थाने में तहरीर दी थी। जिसमें हर्षवर्धन और उनके स्कूल के स्टाफ पर सत्येंद्र्र की हत्या का आरोप लगाया गया है।