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सरकारी नौकरी फिर भी बताया गृहणी

अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Mon, 06 Mar 2017 12:14 AM IST
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स्टांप पेपर पर लगाई गई फर्जी बैनामा करने वाले की फोटो।
स्टांप पेपर पर लगाई गई फर्जी बैनामा करने वाले की फोटो। - फोटो : amarujala
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हरदोई। फर्जीवाड़ा कर जमीन का बैनामा कराने में चौंकानेवाली बात सामने आई है। मामले में विधायक राजेश्वरी की बेटी काजलराज ने रजिस्ट्री पेपर में दर्शानी में भी धोखाधड़ी की है। परिषदीय स्कूल में हेड टीचर काजल ने रजिस्ट्री के रजिस्ट्री पेपर में पेशा गृहणी दर्शाया है। अपनी संपत्ति छुपाने को पैन नंबर का विवरण भी छुपा गईं। उन्होंने व्यवसाय में फार्म-61 लिखा है। जिनके पास पैनकार्ड नहीं होता है, उसको ही फार्म 61 लिखने की छूट होती है। इस खेती की खरीद के लिए काजल ने 37050 रुपये स्टांप ड्यूटी अदा की। 
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सदर तहसील क्षेत्र के पहल गांव का मजरा नन्हे गोपामऊ कानूनगो सर्कल में आता है। इस गांव के मुन्ने लाल पुत्र नंदा की जमीन का 17 जनवरी 2017 को फर्जी तरीके से विधायक राजेश्वरी की बेटी काजलराज ने बैनामा करा लिया गया। 0.6170 हेक्टेयर जमीन काजलराज ने 4 लाख 80 हजार रुपये में खरीदी। चार फीसदी की दर से 37050 रुपये स्टांप ड्यूटी अदा की गई है। काजलराज ने रजिस्ट्री की पेपर में अपना पेशा छुपा लिया है। काजल ने लेखपत्र के विवरण में एक जगह उन्होंने व्यवसाय के कालम में फार्म 61 लिखा है।


इसी पृष्ठ के पिछले भाग में पेशा गृहणी दर्शाया है। यानी दोनों ही जगह विवरण दर्शानी में काजलराज ने धोखाधड़ी की है। जानकारों के अनुसार 5 लाख से अधिक की मालियत वाली संपत्ति की खरीद पर  पैनकार्ड न होने पर फार्म 61 लिखने की छूट होती है। काजलराज के पास पैनकार्ड न होने का सवाल ही नहीं उठता है। अहिरोरी ब्लॉक के बख्तापुर प्राथमिक में प्राधानाध्यापिका काजलराज इनकम टैक्स अदा करती हैं। उनके पति संषर्घ कुमार भी सेना में अफसर है। वह भी इनकम टैक्स अदा करते हैं। काजल ने फर्जी तरीके से जमीन खरीदने में अपना विवरण दर्शाने में भी फर्जीवाड़ा किया है। 

रजिस्ट्री पेपर में महोलिया शिवपार निवासी विश्वनाथ शुक्ला और मरकहा गांव निवासी रामभरोसे वर्मा गवाह हैं। कम से कम एक गवाह क्रेता की ओर से होना जरूरी होता है। इससे कम से कम एक गवाह क्रेता पक्ष का है। यानी वह मुन्ने लाल पुत्र नंदा बनकर जिस व्यक्ति ने जमीन का बैनामा किया उसे भली भांति पहचानता है। इसके बावजूद पुलिस अभी तक फर्जी तरीके से बैनामा कराने वाले और करने वाले तक नहीं पहुंच पाई है। 

 पहल गांव के मजरा नन्हे निवासी मुन्ने की उम्र लगभग 55 साल है। ग्राम प्रधान ने बताया कि वह करीब 10-12 साल से परिवार के साथ दिल्ली में ही रहता है। उसने अपना घर और कुछ जमीन पहले बेच दी थी। साल में एक या दो बार ही नन्हे गांव आता है। उसके पास गांव के गाटा संख्या 870 पर 0.6170 हेक्टेयर जमीन ही बची थी। ये जमीन उसने गांव के जगपाल को बटाई पर दे रखी थी। अधेड़ उम्र नन्हे की जमीन का बैनामा करने वाला युवा है। रजिस्ट्री में युवक की फोटो लगानी थी इसलिए आधार कार्ड पर फोटो के साथ जन्मतिथि भी बदलवाई गई। बैनामा करने वाले की जन्मतिथि 01-01-79 दर्शाई गई है, यानी बैनामा करने वाला महज 38 साल का है। रजिस्ट्री पेपर पर लगाए गए आधार कार्ड का नंबर 791701424734 है।
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