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वाहनों पर फर्जी नंबर डालकर फाइनेंस कराने का खेल पकड़ा

Mon, 17 Jul 2017 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Mon, 17 Jul 2017 11:34 PM IST
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Caught the fake number on the vehicles to get the financing game
पुलिस लाइन में पकड़े गए आरोपी। - फोटो : amarujala

हरदोई। बिलग्राम कोतवाली पुलिस ने जिले में वाहनों की नंबर प्लेटों में फर्जी नंबर डालकर निजी कंपनियों से फाइनेंस कराने के खेल का खुलासा किया है। एआरटीओ कर्मचारी समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर एक ट्रक, एक डीसीएम और चेचिस-इंजन नंबर बदलने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं।  

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बिलग्राम कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने रविवार को कोतवाली क्षेत्र के बसरपुर स्थित वाहनों के प्लेटों पर नंबर छपाई की दुकान पर छापा मारा। इस दौरान मौके से एक ट्रक यूपी-30-एटी-2766, एक डीसीएम यूपी-30-एटी-2759, चार मोबाइल और वाहनों के प्लेटों पर नंबर लिखने के उपकरण बरामद किए।
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पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। कोतवाली लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि वाहनों की नंबर प्लेटाें पर एआरटीओ के कर्मचारी समेत अलग-अलग थाना क्षेत्र के आठ अन्य लोग भी फर्जीवाड़ा के कारोबार में शामिल हैं।
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गिरफ्तार आरोपियों में कोतवाली क्षेत्र के दुर्गागंज निवासी पंकज मिश्र, विवेक शर्मा निवासी पिहानी चुंगी अब्दुलपुरवा देहात कोतवाली क्षेत्र, राम गोविंद गुप्ता निवासी धन्नू पुरवा शहर कोतवाली, हरिनारायण निवासी मोहल्ला मंडई बिलग्राम शामिल हैं।

इसके अलावा इस फर्जीवाडे़ में लखनऊ के मड़ियावां थाना क्षेत्र के सीतापुर रोड निवासी ज्ञान सिंह, मंगलीपुरवा निवासी मोहम्मद शरीफ, राकेश कुमार गुप्ता, देहात कोतवाली नानक गंज झाला निवासी एआरटीओ कर्मी वीरेंद्र कुमार, बिलग्राम के सरेना निवासी शंकर लाल, दुर्गागंज निवासी गुड्डू और रविंद्र कुमार के खिलाफ वाहनों के प्लेट पर नंबर में हेरफेर व धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा रामपुर निवासी डॉ. कालिया के विरुद्ध भी एफआईआर हुई है।


कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि यह लोग बड़े वाहनों पर फर्जी इंजन नंबर डालकर फाइनेंस कंपनियों से पुराने वाहनों पर फाइनेंस करा लेते थे। श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने बरामद ट्रक को पहचान भी लिया है। गिरोह के सदस्य एआरटीओ कर्मी से साठगांठ कर नंबरों में हेरफेर करते थे। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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