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सीएचसी अधीक्षक से अभद्रता के मामले ने तूल पकड़ा
चित्रकूट
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:53 PM IST
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सीएचसी के बाहर प्रदर्शन करते डॉक्टर व स्टाफ के सदस्य
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलग्राम।
सीएचसी अधीक्षक से अभद्रता के मामले ने दूसरे दिन शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। बिलग्राम सीएचसी सहित समस्त सीएचसी व पीएचसी पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। बिलग्राम सीएचसी पर तालाबंदी रही। सीएमओ से मिलकर डॉक्टरों ने विरोध जताया।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के महसौनामऊ गांव निवासी अरविंद कुमार की पत्नी सुशीला देवी ब्लॉक हेल्थ वर्कर हैं (बीएमडब्लू) हैं। गुरुवार को उनकी गांव के ही एक युवक से मारपीट हुई थी। मामले में अरविंद और सुशीला सीएचसी में जांच कराने गए थे। रिपोर्ट उनके बताए मुताबिक तैयार करने की बात को लेकर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पंकज कुमार से उनकी कहासुनी होने लगी। अधीक्षक ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।
इस पर उन्होंने किसी नंबर पर फोन किया और दूसरी तरफ से विधायक जी बात करेंगे कहते हुए अधीक्षक पर दबाव बनाने का प्रयास किया। इस पर अधीक्षक ने यह कहते हुए कि यदि जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं, तो जिला अस्पताल में जांच करा लें। सीएचसी अधीक्षक के मुताबिक इस बात से सुशीला देवी और उनके पति भड़क गए। एक अन्य युवक को भी बुलाया और गालीगलौज करने लगे। अधीक्षक से अभद्रता की जानकारी होने पर सीएचसी के स्टाफ ने काम बंद कर दिया था।
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इसके बाद अधीक्षक और स्टाफ ने अरविंद कुमार, सुशीला देवी और वीरेंद्र कुमार के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मारपीट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। शुक्रवार को भी मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बिलग्राम सीएचसी पर अधीक्षक ने तालाबंदी रखी। बिलग्राम सीएचसी अधीक्षक पंकज कुमार पूरे स्टाफ स्टाफ के साथ सीएमओ से मिलकर बीएचडब्लू के गालीगलौज करने व मारपीट के प्रकरण से अवगत कराया।
जबकि आए दिन डॉक्टरों के साथ मारपीट व गालीगलौज के मामलों को लेकर संघ के पदाधिकारी डीएम विवेक वार्ष्णेय से मिले और इस तरह की घटनाओं के बाद खुद को असुरक्षित बताया। उधर हर पीएचसी व सीएचसी पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। कर्मियों व डॉक्टरों ने इस घटना पर विरोध दर्ज कराया।
निराश लौटे रोगी
सीएचसी पर रोजाना करीब 125 से 150 मरीज इलाज कराने आते हैं। शुक्रवार को सीएचसी पर तालाबंदी रहने से रोगियों को बगैर जांच व इलाज कराए ही लौटना पड़ा। जबकि गंभीर रोगियों को निजी अस्पतालों या फिर जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ी।
बीएचडब्लू ने प्रधान पर दर्ज कराई रिपोर्ट
ब्लॉक के महसौनामऊ निवासी बीएच डब्लू सुशीला की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान नीलेश सिंह नीलू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस को दी गई तहरीर में सुशीला ने पति अरविंद वर्मा को धमकाने, मारपीट करने व चेन और अंगूठी छीनने का आरोप लगाया है। प्रभारी कोतवाल एसएसआई एमपी सिंह ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बिलग्राम।
सीएचसी अधीक्षक से अभद्रता के मामले ने दूसरे दिन शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। बिलग्राम सीएचसी सहित समस्त सीएचसी व पीएचसी पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। बिलग्राम सीएचसी पर तालाबंदी रही। सीएमओ से मिलकर डॉक्टरों ने विरोध जताया।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के महसौनामऊ गांव निवासी अरविंद कुमार की पत्नी सुशीला देवी ब्लॉक हेल्थ वर्कर हैं (बीएमडब्लू) हैं। गुरुवार को उनकी गांव के ही एक युवक से मारपीट हुई थी। मामले में अरविंद और सुशीला सीएचसी में जांच कराने गए थे। रिपोर्ट उनके बताए मुताबिक तैयार करने की बात को लेकर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पंकज कुमार से उनकी कहासुनी होने लगी। अधीक्षक ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।
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इस पर उन्होंने किसी नंबर पर फोन किया और दूसरी तरफ से विधायक जी बात करेंगे कहते हुए अधीक्षक पर दबाव बनाने का प्रयास किया। इस पर अधीक्षक ने यह कहते हुए कि यदि जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं, तो जिला अस्पताल में जांच करा लें। सीएचसी अधीक्षक के मुताबिक इस बात से सुशीला देवी और उनके पति भड़क गए। एक अन्य युवक को भी बुलाया और गालीगलौज करने लगे। अधीक्षक से अभद्रता की जानकारी होने पर सीएचसी के स्टाफ ने काम बंद कर दिया था।
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इसके बाद अधीक्षक और स्टाफ ने अरविंद कुमार, सुशीला देवी और वीरेंद्र कुमार के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मारपीट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। शुक्रवार को भी मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बिलग्राम सीएचसी पर अधीक्षक ने तालाबंदी रखी। बिलग्राम सीएचसी अधीक्षक पंकज कुमार पूरे स्टाफ स्टाफ के साथ सीएमओ से मिलकर बीएचडब्लू के गालीगलौज करने व मारपीट के प्रकरण से अवगत कराया।
जबकि आए दिन डॉक्टरों के साथ मारपीट व गालीगलौज के मामलों को लेकर संघ के पदाधिकारी डीएम विवेक वार्ष्णेय से मिले और इस तरह की घटनाओं के बाद खुद को असुरक्षित बताया। उधर हर पीएचसी व सीएचसी पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। कर्मियों व डॉक्टरों ने इस घटना पर विरोध दर्ज कराया।
निराश लौटे रोगी
सीएचसी पर रोजाना करीब 125 से 150 मरीज इलाज कराने आते हैं। शुक्रवार को सीएचसी पर तालाबंदी रहने से रोगियों को बगैर जांच व इलाज कराए ही लौटना पड़ा। जबकि गंभीर रोगियों को निजी अस्पतालों या फिर जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ी।
बीएचडब्लू ने प्रधान पर दर्ज कराई रिपोर्ट
ब्लॉक के महसौनामऊ निवासी बीएच डब्लू सुशीला की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान नीलेश सिंह नीलू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस को दी गई तहरीर में सुशीला ने पति अरविंद वर्मा को धमकाने, मारपीट करने व चेन और अंगूठी छीनने का आरोप लगाया है। प्रभारी कोतवाल एसएसआई एमपी सिंह ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।