{"_id":"6a8e00c38ff0aa15100a8f20","slug":"four-traffic-signals-were-covered-with-black-plastic-and-cloth-to-facilitate-mobile-phone-snatching-allahabad-news-c-257-1-sald1006-121165-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल
Wed, 26 Aug 2026 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
गौहनिया रेलवे पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी
ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के मोबाइल फोन छीनने के उद्देश्य से रविवार रात प्रयागराज-मुंबई रेलखंड के मदरहा-जसरा रेलवे स्टेशन के बीच सिग्नल को काली रंग की प्लास्टिक व कपड़ों से ढका गया था। मामले में आरपीएफ नैनी ने एफआईआर दर्ज की थी। मंगलवार को आरपीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरपीएफ नैनी के अनुसार, रविवार रात गाड़ी संख्या 17324 के लोको पायलट ने बताया कि जसरा-मदराहा के मध्य सिग्नल नं. 504-ए स्पष्ट नहीं दिख रहा है। इसपर सेक्शन में तैनात स्टाफ, नैनी व शंकरगढ़ से अतिरिक्त अधिकारी व स्टॉफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
जांच में पाया गया कि 02यूपी एवं 02डीएन सिग्नल की हरी बत्ती में लगी काली प्लास्टिक निकालकर ढक दिया गया था, ताकि ट्रेन धीमी होने पर यात्रियों से मोबाइल फोन छीना जा सके।
विज्ञापन
मामले की जांच करते हुए आरपीएफ नैनी ने मंगलवार को संगीत नाथ निवासी बारा, राजन निवासी रायबरेली व माहिल निवासी बारा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मोबाइल फोन छीनने के लिए उन्होंने सिग्नल की सीढ़ी पर चढ़कर ग्रीन लाइट को काली पॉलीथीन से ढक दिया था। बता दें कि घटना के बाद बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस रोकी गई थी।
सिग्नल को काली प्लास्टिक एवं कपड़े से ढक देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ और जीआरपी की टीम उनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। साथ ही पूर्व हुई कुछ अन्य घटनाओं में भी उक्त आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।- दीपक कुमार आजाद, सीनियर डीएसएसी, प्रयागराज मंडल।
विज्ञापन
आरपीएफ नैनी के अनुसार, रविवार रात गाड़ी संख्या 17324 के लोको पायलट ने बताया कि जसरा-मदराहा के मध्य सिग्नल नं. 504-ए स्पष्ट नहीं दिख रहा है। इसपर सेक्शन में तैनात स्टाफ, नैनी व शंकरगढ़ से अतिरिक्त अधिकारी व स्टॉफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
विज्ञापन
जांच में पाया गया कि 02यूपी एवं 02डीएन सिग्नल की हरी बत्ती में लगी काली प्लास्टिक निकालकर ढक दिया गया था, ताकि ट्रेन धीमी होने पर यात्रियों से मोबाइल फोन छीना जा सके।
विज्ञापन
मामले की जांच करते हुए आरपीएफ नैनी ने मंगलवार को संगीत नाथ निवासी बारा, राजन निवासी रायबरेली व माहिल निवासी बारा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मोबाइल फोन छीनने के लिए उन्होंने सिग्नल की सीढ़ी पर चढ़कर ग्रीन लाइट को काली पॉलीथीन से ढक दिया था। बता दें कि घटना के बाद बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस रोकी गई थी।
सिग्नल को काली प्लास्टिक एवं कपड़े से ढक देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ और जीआरपी की टीम उनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। साथ ही पूर्व हुई कुछ अन्य घटनाओं में भी उक्त आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।- दीपक कुमार आजाद, सीनियर डीएसएसी, प्रयागराज मंडल।