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गैर इरादतन हत्या में दो सगे भाइयों समेत तीन को सजा
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हरदोई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 12 चंद्र विजय श्रीनेत ने शुक्रवार को 12 साल पुराने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर गैर इरादतन हत्या के अपराध में दो सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है।
मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंदन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के असगरपुर निवासी राकेश कुमार मिश्रा ने थाने में दर्ज कराई थी। बताया था कि 27 नवंबर 2006 को 12 बजे दिन में सहादत नगर गन्ना सेंटर पर वादी राकेश कुमार का भतीजा अमित कुमार व लल्लन तौल कराने गए थे। वादी का गांव के रहने वाले प्रकाश व रामू सिंह पुत्रगण श्याम सिंह, विवेक कुमार उर्फ विक्कू पुत्र नत्थू सिंह और मधुरपाल सिंह पुत्र संतने सिंह से गन्ना तौलने को लेकर विवाद हो गया। प्रकाश सिंह आदि ने विवाद में फायरिंग कर दी। फायरिंग में वादी के भतीजे अमित कुमार व लल्लन गंभीर रूप से घायल हो गए और सेंटर पर खड़े मदन पुत्र गुलाब की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। उक्त मामले में पुलिस ने जांच के बाद 20 जनवरी 2007 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जिस पर वादी ने अदालत में याचिका दाखिल की और साक्ष्य प्रस्तुत किया। जिसके बाद अदालत ने आरोपियों को तलब कर लिया। मुकदमे के दौरान मधुरपाल सिंह की मृत्यु हो गई। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर तीनों अभियुक्तों को गैर इरादतन हत्या व जानलेवा हमले के अपराध में दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंदन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के असगरपुर निवासी राकेश कुमार मिश्रा ने थाने में दर्ज कराई थी। बताया था कि 27 नवंबर 2006 को 12 बजे दिन में सहादत नगर गन्ना सेंटर पर वादी राकेश कुमार का भतीजा अमित कुमार व लल्लन तौल कराने गए थे। वादी का गांव के रहने वाले प्रकाश व रामू सिंह पुत्रगण श्याम सिंह, विवेक कुमार उर्फ विक्कू पुत्र नत्थू सिंह और मधुरपाल सिंह पुत्र संतने सिंह से गन्ना तौलने को लेकर विवाद हो गया। प्रकाश सिंह आदि ने विवाद में फायरिंग कर दी। फायरिंग में वादी के भतीजे अमित कुमार व लल्लन गंभीर रूप से घायल हो गए और सेंटर पर खड़े मदन पुत्र गुलाब की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। उक्त मामले में पुलिस ने जांच के बाद 20 जनवरी 2007 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जिस पर वादी ने अदालत में याचिका दाखिल की और साक्ष्य प्रस्तुत किया। जिसके बाद अदालत ने आरोपियों को तलब कर लिया। मुकदमे के दौरान मधुरपाल सिंह की मृत्यु हो गई। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर तीनों अभियुक्तों को गैर इरादतन हत्या व जानलेवा हमले के अपराध में दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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