फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   The trend of photos has become a new weapon for cyber fraudsters.

Moradabad News: 1980 की तस्वीरों का ट्रेंड बना साइबर ठगों का नया हथियार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 02:24 AM IST
विज्ञापन
The trend of photos has become a new weapon for cyber fraudsters.
मुरादाबाद। चार दशक पीछे लौटने का शौक इन दिनों मोबाइल की स्क्रीन पर खूब दिखाई दे रहा है। एआई की मदद से लोग अपनी मौजूदा तस्वीरों को 1980 के दौर के लुक में बदलवा रहे हैं। लोगों में पुराना लुक पाने की होड़ मची तो साइबर ठगों ने इसे ही अपना हथियार बना लिया। लोगों के मोबाइल पर फोटो बदलने के नाम पर एपीके फाइल भेजकर उन्हें अपना शिकार बनाने लगे हैं।
विज्ञापन

सोशल मीडिया पर लोग 1980 की अपनी तस्वीरों का लुक तेजी से वायरल कर रहे हैं। किसी के बाल अभिनेता जितेंद्र वाले अंदाज में सज रहे हैं तो कोई अमिताभ बच्चन या धर्मेंद्र के दौर के फैशन में नजर आ रहा है। बड़े कॉलर की शर्ट, बेलबॉटम पैंट, किसी की तस्वीर की बैकग्राउंड में पुराने जमाने की कार, पुराने दौर की बाइक दिख रही हैं। किसी के फोटो पर पीछे सिनेमा हाल दिख रहा तो कोई खुद को खेतों में खड़ा दिखाई दे रहा है। पिछले तीन दिन में पुराने जमाने के फोटो और वीडियो की बाढ़ सी आ गई है। इस नए ट्रेंड को साइबर ठगों ने अपना हथियार बना लिया है। साइबर ठग लोगों के पास पुराने जमाने के फोटो और तस्वीर बदलने वाले फर्जी लिंक भेज रहे हैं। लोग इन लिंक को क्लिक कर रहे तो उनके मोबाइल हैक हो रहे हैं और खाते खाली हो रहे हैं।
विज्ञापन

---
फोटो के साथ कहीं निजी जानकारी भी न चली जाए
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह का कहना है कि एआई फोटो बनाने वाले हर एप या वेबसाइट पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी पड़ सकता है। कई एप फोटो एडिट करने से पहले गैलरी, कैमरा, कॉन्टैक्ट और दूसरी परमिशन मांगते हैं। अनजान या संदिग्ध एप को जरूरत से ज्यादा अनुमति देने से अपनी निजी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है। खासकर तब, जब लोग अपनी बेहद साफ और हाई क्वालिटी वाली तस्वीरें किसी अनजान प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
फर्जी प्रोफाइल बनाने में हो सकता है इस्तेमाल
साइबर एक्सपर्ट महेंद्र कुमार का कहना कि साइबर अपराधी इंटरनेट से मिलने वाली तस्वीरों का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाने में कर सकते हैं। एआई के दौर में किसी तस्वीर में बदलाव कर उसे दूसरे संदर्भ में इस्तेमाल करना भी आसान हो गया है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर साझा करते समय भी सावधानी जरूरी है।
--
फोटो के बहाने एपीके फाइल डाउनलोड किया तो बढ़ सकता है खतरा
साइबर थाने के साइबर एक्सपर्ट प्रशांत सिंह बताते हैं कि साइबर ठग फोटो ट्रेंड का नाम लेकर भी लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। अपनी फोटो 1980 स्टाइल में बनाएं जैसे संदेश के साथ लिंक या एपीके फाइल भेज रहे हैं। इसे डाउनलोड करने पर मोबाइल में खतरनाक सॉफ्टवेयर पहुंच रहा है। अनजान एप या लिंक अपलोड करने से बचें।

---
ट्रेंड अपनाएं, लेकिन समझदारी के साथ: साइबर एक्सपर्ट
मनीष गोयल के मुताबिक, एआई फोटो बनाना अपने आप में अपराध या खतरा नहीं है। परेशानी तब शुरू होती है, जब लोग बिना जांचे-परखे किसी भी एप या वेबसाइट पर अपनी तस्वीर और निजी जानकारी डाल देते हैं। विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए और एप को दी जाने वाली परमिशन भी जांचनी चाहिए।
---
साइबर सुरक्षा की एडवाइजरी
अनजान वेबसाइट या एप पर अपनी साफ और निजी तस्वीर अपलोड न करें।
फोटो एडिटिंग के नाम पर भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
फोटो के साथ आधार, पैन, बैंक पासबुक या अन्य दस्तावेज की तस्वीर साझा न करें।
सोशल मीडिया पर अत्यधिक निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने से बचें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें
पुराने दौर की यादों को तस्वीर में उतारना खूबसूरत अनुभव हो सकता है लेकिन एक ट्रेंड के लिए अपनी डिजिटल सुरक्षा दांव पर लगाना समझदारी नहीं है।
-------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed