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एसटीएफ ने सलीम गैंग के दो शातिर गुर्गों को पकड़ा
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हरदोई। दिल्ली जेल में बंद शातिर माफिया सलीम, सोहराव और रुस्तम के लिए काम करने वाले दो शातिरों को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने बुधवार देर रात हरदोई-लखनऊ रोड पर संडीला कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चंदौरी मोड़ के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों शातिरों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों शातिर रंगदारी वसूलने का कार्य सलीम गैंग के लिए करते थे।
एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक अरुण कुमार सिंह को सर्विलांस और मुखबिर के जरिये बुधवार रात सूचना मिली थी कि शातिर सलीम गैंग के लिए काम करने वाले दो युवक हरदोई-लखनऊ रोड पर रहीमाबाद और संडीला के बीच से निकलेंगे। यह भी बताया गया था कि उक्त दोनों लखनऊ के हजरतगंज में 17 मार्च को हुई लूट में भी शामिल रहे थे। इस पर निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार सिंह, आरक्षी राजेश कुमार, राघवेंद्र तिवारी, शैलेंद्र उपाध्याय, सूरज कुमार, श्रीकृष्ण गिरि और अवनेंद्र बाजपेई के साथ लखनऊ रोड पर निकल पड़े। देर रात लगभग साढ़े 10 बजे हरदोई-लखनऊ रोड पर संडीला कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रहीमाबाद के निकट चंदौरी मोड़ पर स्कूटी से आ रहे दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो इनमें से एक ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। हरकत में आई पुलिस टीम ने दोनों शातिरों को पकड़ लिया और संडीला कोतवाली ले गई। यहां पुलिस टीम को पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने अपना नाम बहाउद्दीन उर्फ मिजबहाउद्दीन पुत्र निजामुद्दीन निवासी 263/84 बिल्लौचपुरा निकट पुराना फरीदी स्कूल और आलमीन पुत्र कय्यूम कुरैशी निवासी बिल्लौचपुरा थाना बाजारखाला जनपद लखनऊ बताया। संडीला कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जगदीश यादव की मानें तो प्राथमिक पूछताछ में दोनों शातिरों ने बताया कि वह लोग सलीम गैंग के लिए कार्य करते हैं। दो मार्च 2019 को लखनऊ के हजरतगंज में हारुन और उसके साथी को बंधक बनाकर लूटपाट कर चुके हैं और रंगदारी के भी मामले दर्ज है। पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने साथियों के नाम मीशम, फरहान, उमेर व सूफियान बताया। इनके कब्जे से बरामद हुई स्कूटी के भी कोई कागज नहीं मिले। तलाशी में 5200 रुपये, दो मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा दो तमंचा व कारतूस भी मिले। प्रभारी निरीक्षक संडीला ने बताया कि दोनों शातिरों ने यह भी बताया कि रंगदारी वसूलने से मिलने वाले रुपये को जमीन और मकान खरीदने में खपाया जाता है। दोनों को जेल भेज दिया गया।
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एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक अरुण कुमार सिंह को सर्विलांस और मुखबिर के जरिये बुधवार रात सूचना मिली थी कि शातिर सलीम गैंग के लिए काम करने वाले दो युवक हरदोई-लखनऊ रोड पर रहीमाबाद और संडीला के बीच से निकलेंगे। यह भी बताया गया था कि उक्त दोनों लखनऊ के हजरतगंज में 17 मार्च को हुई लूट में भी शामिल रहे थे। इस पर निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार सिंह, आरक्षी राजेश कुमार, राघवेंद्र तिवारी, शैलेंद्र उपाध्याय, सूरज कुमार, श्रीकृष्ण गिरि और अवनेंद्र बाजपेई के साथ लखनऊ रोड पर निकल पड़े। देर रात लगभग साढ़े 10 बजे हरदोई-लखनऊ रोड पर संडीला कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रहीमाबाद के निकट चंदौरी मोड़ पर स्कूटी से आ रहे दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो इनमें से एक ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। हरकत में आई पुलिस टीम ने दोनों शातिरों को पकड़ लिया और संडीला कोतवाली ले गई। यहां पुलिस टीम को पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने अपना नाम बहाउद्दीन उर्फ मिजबहाउद्दीन पुत्र निजामुद्दीन निवासी 263/84 बिल्लौचपुरा निकट पुराना फरीदी स्कूल और आलमीन पुत्र कय्यूम कुरैशी निवासी बिल्लौचपुरा थाना बाजारखाला जनपद लखनऊ बताया। संडीला कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जगदीश यादव की मानें तो प्राथमिक पूछताछ में दोनों शातिरों ने बताया कि वह लोग सलीम गैंग के लिए कार्य करते हैं। दो मार्च 2019 को लखनऊ के हजरतगंज में हारुन और उसके साथी को बंधक बनाकर लूटपाट कर चुके हैं और रंगदारी के भी मामले दर्ज है। पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने साथियों के नाम मीशम, फरहान, उमेर व सूफियान बताया। इनके कब्जे से बरामद हुई स्कूटी के भी कोई कागज नहीं मिले। तलाशी में 5200 रुपये, दो मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा दो तमंचा व कारतूस भी मिले। प्रभारी निरीक्षक संडीला ने बताया कि दोनों शातिरों ने यह भी बताया कि रंगदारी वसूलने से मिलने वाले रुपये को जमीन और मकान खरीदने में खपाया जाता है। दोनों को जेल भेज दिया गया।
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