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दो सगे भाइयों को बेटों समेत दस साल की सजा
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हरदोई। सात वर्ष पुराने गैरइरादतन हत्या के मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रिजवानुल हक ने एक ही परिवार के चार लोगों को दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। दोषियों में दो सगे भाई और उनके एक-एक पुत्र शामिल हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि माधौगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खुर्दा मदारपुर निवासी संतोष कुमार मछली बेचता था। संतोष कुमार 20 अगस्त 2014 को अटवा बाजार से मछली बेचकर साइकिल से घर जा रहा था। रास्ते में गांव में ही अवधेश के मकान के सामने बंधी गाय से संतोष की साइकिल लड़ गई। इस पर अवधेश और उसके पुत्र अखिलेश, भाई लेखराज और लेखराज के पुत्र नीरज कुमार ने उसे पीट दिया। शोर सुनकर संतोष का पुत्र नीशू और भतीजा विनय भी वहां आ गया। इस पर इन लोगों ने तीनों की पिटाई फिर से कर दी। घटना में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
उपचार के दौरान पांच माह बाद नीशू की मौत हो गई थी। इस पर 20 अगस्त को दर्ज मारपीट के मुकदमे को गैरइरादतन हत्या में तरमीम किया गया था। गैरइरादतन हत्या के मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रिजवानुल हक ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि माधौगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खुर्दा मदारपुर निवासी संतोष कुमार मछली बेचता था। संतोष कुमार 20 अगस्त 2014 को अटवा बाजार से मछली बेचकर साइकिल से घर जा रहा था। रास्ते में गांव में ही अवधेश के मकान के सामने बंधी गाय से संतोष की साइकिल लड़ गई। इस पर अवधेश और उसके पुत्र अखिलेश, भाई लेखराज और लेखराज के पुत्र नीरज कुमार ने उसे पीट दिया। शोर सुनकर संतोष का पुत्र नीशू और भतीजा विनय भी वहां आ गया। इस पर इन लोगों ने तीनों की पिटाई फिर से कर दी। घटना में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
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उपचार के दौरान पांच माह बाद नीशू की मौत हो गई थी। इस पर 20 अगस्त को दर्ज मारपीट के मुकदमे को गैरइरादतन हत्या में तरमीम किया गया था। गैरइरादतन हत्या के मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रिजवानुल हक ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
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