{"_id":"926bd07c420890209dd12babec1d1173","slug":"cranny-drama-assigning-traffic-rules-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नुक्कड नाटक से बताए यातायात के नियम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नुक्कड नाटक से बताए यातायात के नियम
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 14 Mar 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यातायात नियमों के नियमों की जानकारी और उनका पालन
विज्ञापन
करने के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शुक्रवार को नुक्कड़ नाटक किया
गया। इसमें यातायात के नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को उप परिवहन संभागीय कार्यालय प्रांगण में डिजीमेक टेली फिल्म्स लखनऊ के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक किया।
कलाकारों ने लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों के विषय में विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर एआरटीओ ओपी सिंह ने कहा कि जीवन अनमोल है।
सभी को वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए, जिससे सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में तेज गति से वाहन न चलाएं, रात में डिपर का प्रयोग करें और मोड़ पर इंडीकेटर का प्रयोग अवश्य करें।
कहा कि दो पहिया वाहन चालक हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालक एवं यात्री सीट बेल्ट का प्रयोग करें। 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को वाहन न चलाने दें और वाहन का रख रखाव एवं प्रदूषण आदि की जांच समय समय पर करानी चाहिए। इस मौके पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को उप परिवहन संभागीय कार्यालय प्रांगण में डिजीमेक टेली फिल्म्स लखनऊ के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक किया।
कलाकारों ने लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों के विषय में विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर एआरटीओ ओपी सिंह ने कहा कि जीवन अनमोल है।
सभी को वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए, जिससे सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में तेज गति से वाहन न चलाएं, रात में डिपर का प्रयोग करें और मोड़ पर इंडीकेटर का प्रयोग अवश्य करें।
कहा कि दो पहिया वाहन चालक हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालक एवं यात्री सीट बेल्ट का प्रयोग करें। 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को वाहन न चलाने दें और वाहन का रख रखाव एवं प्रदूषण आदि की जांच समय समय पर करानी चाहिए। इस मौके पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।