{"_id":"d68a159ed135677137755b9b9caf5a7c","slug":"council-fight-will-fight-for-demands-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों के लिए लड़ाई लड़ेगा परिषद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों के लिए लड़ाई लड़ेगा परिषद
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 10 Jun 2015 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की मंगलवार को हुई बैठक
विज्ञापन
में पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल कराने के लिए संघर्ष करने की रणनीति
बनाई गई। बिलग्राम चुंगी स्थित कृषि प्रसार भवन में हुई बैठक में
पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को शासन में चल रही वार्ता और पत्राचार के
बारे में बताया।
परिषद से जुड़े घटक संघों ने अन्य मांगों को भी पूरा कराने को संघर्ष करने की बात कही। राज्य कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू कराने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से आवाज उठाने की अपील की। बैठक में कृषि विभाग के जिलाध्यक्ष बीपी चतुर्वेदी की अध्यक्षता में परिषद जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू कराने को सभी घटक संघों को संघर्ष को तैयार रहना होगा।
संरक्षक राजकुमार कपिल ने कहा कि सातवां वेतन आयोग लागू होने से पहले परिषद मांगों को शासन के समक्ष रखेगा। इनमें 2005 से नियुक्ति, पुरानी पेंशन व्यवस्था, ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख, उपार्जित अवकाश 300 दिन से बढ़ाकर 600 दिन तथा केंद्र के समान भत्तों की समानता को पूरा कराने की मांग हैं।
इनको पूरा कराने के लिए घटक संघों द्वारा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में परिवहन निगम जिलाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर, ग्राम विकास से अशोक मिश्र, सिंचाई संघ से विजय कुमार, रामनरेश द्विवेदी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के सचिव नवीन सहगल, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ जनपद सचिव सिद्धार्थ प्रभाकर, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद संरक्षक प्रभा सिंह, संग्रह अमीन संघ से गिरिजा शंकर बाजपेयी आदि मौजूद थे।
उधर, परिषद की जनपदीय कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें संरक्षक राजकुमार कपिल व प्रभा सिंह, चेयरमैन बाबू सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक मिश्र, उपाध्यक्ष संजीव सिंह, महावीर प्रसाद, अशोक वर्मा, गिरिजा शंकर बाजपेयी, माधुरी सिंह, वित्त मंत्री विजय सिंह।
संगठन मंत्री दिनेश सिंह, संयुक्त मंत्री लाल चंद्र कुरील, प्रचार मंत्री शैलेश कुमार, प्रवक्ता राम नरेश द्विवेदी व कार्यालय सचिव राकेश वर्मा को मनोनीत किया गया। सदस्यों में राजेश सिंह, रूबी, रीता सिंह, सुमन देवी, केयू फारूकी, एसपी वर्मा, जितेंद्र बहादुर, शरद त्रिपाठी, अनवारूल हक तथा राजेंद्र यादव को शामिल किया।
परिषद से जुड़े घटक संघों ने अन्य मांगों को भी पूरा कराने को संघर्ष करने की बात कही। राज्य कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू कराने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से आवाज उठाने की अपील की। बैठक में कृषि विभाग के जिलाध्यक्ष बीपी चतुर्वेदी की अध्यक्षता में परिषद जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू कराने को सभी घटक संघों को संघर्ष को तैयार रहना होगा।
संरक्षक राजकुमार कपिल ने कहा कि सातवां वेतन आयोग लागू होने से पहले परिषद मांगों को शासन के समक्ष रखेगा। इनमें 2005 से नियुक्ति, पुरानी पेंशन व्यवस्था, ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख, उपार्जित अवकाश 300 दिन से बढ़ाकर 600 दिन तथा केंद्र के समान भत्तों की समानता को पूरा कराने की मांग हैं।
इनको पूरा कराने के लिए घटक संघों द्वारा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में परिवहन निगम जिलाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर, ग्राम विकास से अशोक मिश्र, सिंचाई संघ से विजय कुमार, रामनरेश द्विवेदी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के सचिव नवीन सहगल, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ जनपद सचिव सिद्धार्थ प्रभाकर, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद संरक्षक प्रभा सिंह, संग्रह अमीन संघ से गिरिजा शंकर बाजपेयी आदि मौजूद थे।
उधर, परिषद की जनपदीय कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें संरक्षक राजकुमार कपिल व प्रभा सिंह, चेयरमैन बाबू सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक मिश्र, उपाध्यक्ष संजीव सिंह, महावीर प्रसाद, अशोक वर्मा, गिरिजा शंकर बाजपेयी, माधुरी सिंह, वित्त मंत्री विजय सिंह।
संगठन मंत्री दिनेश सिंह, संयुक्त मंत्री लाल चंद्र कुरील, प्रचार मंत्री शैलेश कुमार, प्रवक्ता राम नरेश द्विवेदी व कार्यालय सचिव राकेश वर्मा को मनोनीत किया गया। सदस्यों में राजेश सिंह, रूबी, रीता सिंह, सुमन देवी, केयू फारूकी, एसपी वर्मा, जितेंद्र बहादुर, शरद त्रिपाठी, अनवारूल हक तथा राजेंद्र यादव को शामिल किया।