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शहर के मॉडल चौराहे की बत्ती गुल, सिग्रल फेल
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ोटो-28-लखनऊ चुंगी पर बंद पड़ी ट्रैफिक सिग्रल लाइटें। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। पिछले साल पहली जनवरी को लखनऊ चुंगी चौराहे पर सिग्नल लाइटों को लगवाकर शहरवासियों को जहां नए साल की सौगात दी गई थी वहीं, शहर के इस चौराहे को मॉडल चौराहे का भी नाम दिया गया था। अब एक साल बाद एक बार फिर हरी लाल बत्तियां गुल हो गईं और सिपाही ही अपने हाथों से ट्रैफिक कंट्रोल करते नजर आने लगे हैं। ईओ ने बताया कि जल्द ही दिल्ली के इंजीनियरों को सूचना दे दी गई है, जल्द ही इसे सही कराया जाएगा।
एक जनवरी 2019 को को तत्कालीन जिलाधिकारी के द्वारा इस उद्देश्य को लेकर लखनऊ चुंगी पर सिग्नल लाइटें लगाई गईं थीं कि यहां ट्रैफिक लाइट सिस्टम सफल होगा तो शहर के अन्य चौराहों और चुंगियों पर भी यही व्यवस्था कर यातायात नियंत्रित कर लिया जाएगा। यातायात व्यवस्था को सुधारने की इस कवायद को सिस्टम ने ही रेड सिग्नल दे दिया। दूसरे साल ही लखनऊ चुंगी पर लगीं सिग्नल लाइटें फेल हो गई। जिसके बाद एक बार फिर से यातायात सिपाहियों को ही अपने हाथों से सिग्नल देकर ट्रैफिक को कंट्रोल करना पड़ रहा है। इन दिनों मंडी में धान की आवक तेज होने के कारण रात-दिन धान की ट्रॉलियों का आना-जाना लगा रहता है। इससेे यातायात दिन में कई बार बाधित ही रहता है। ऊपर से सिग्नल लाइटों के खराब होने से आड़े-तिरछे वाहनों के निकलने से जाम की समस्या समय-समय पर उत्पन्न होती रहती है।
ईओ बोले, जल्द जलेंगीं लाइटें
ईओ नगर पालिका रवि शंकर शुक्ल का कहना है कि पुलिस विभाग की ओर से उन्हें इस संबंध में शिकायत आ चुकी है वह दिल्ली की फर्म को दो बार सूचित कर चुके हैं। जल्द वहां के इंजीनियर आकर इसे ठीक करेंगे।
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शहरवासी बोले
शहरवासी सचिन गुप्ता का कहना है कि यदि कोई नई व्यवस्था बनाई जाए तो वह बनी रहे, यही सही उपलब्धि है। शहरवासी नागेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस चौराहे पर लाइटें लगवाने के बाद वायदा किया गया था अन्य बड़े चौराहों पर सिग्नल लाइटें लगेंगी, उनका फिर क्या होगा। शहरवासी यश अग्निहोत्री का कहना है कि शहर के प्रमुख मार्गों व चौराहों पर जेब्रा लाइनों की जरूरत है। पालिका को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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एक जनवरी 2019 को को तत्कालीन जिलाधिकारी के द्वारा इस उद्देश्य को लेकर लखनऊ चुंगी पर सिग्नल लाइटें लगाई गईं थीं कि यहां ट्रैफिक लाइट सिस्टम सफल होगा तो शहर के अन्य चौराहों और चुंगियों पर भी यही व्यवस्था कर यातायात नियंत्रित कर लिया जाएगा। यातायात व्यवस्था को सुधारने की इस कवायद को सिस्टम ने ही रेड सिग्नल दे दिया। दूसरे साल ही लखनऊ चुंगी पर लगीं सिग्नल लाइटें फेल हो गई। जिसके बाद एक बार फिर से यातायात सिपाहियों को ही अपने हाथों से सिग्नल देकर ट्रैफिक को कंट्रोल करना पड़ रहा है। इन दिनों मंडी में धान की आवक तेज होने के कारण रात-दिन धान की ट्रॉलियों का आना-जाना लगा रहता है। इससेे यातायात दिन में कई बार बाधित ही रहता है। ऊपर से सिग्नल लाइटों के खराब होने से आड़े-तिरछे वाहनों के निकलने से जाम की समस्या समय-समय पर उत्पन्न होती रहती है।
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ईओ बोले, जल्द जलेंगीं लाइटें
ईओ नगर पालिका रवि शंकर शुक्ल का कहना है कि पुलिस विभाग की ओर से उन्हें इस संबंध में शिकायत आ चुकी है वह दिल्ली की फर्म को दो बार सूचित कर चुके हैं। जल्द वहां के इंजीनियर आकर इसे ठीक करेंगे।
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शहरवासी बोले
शहरवासी सचिन गुप्ता का कहना है कि यदि कोई नई व्यवस्था बनाई जाए तो वह बनी रहे, यही सही उपलब्धि है। शहरवासी नागेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस चौराहे पर लाइटें लगवाने के बाद वायदा किया गया था अन्य बड़े चौराहों पर सिग्नल लाइटें लगेंगी, उनका फिर क्या होगा। शहरवासी यश अग्निहोत्री का कहना है कि शहर के प्रमुख मार्गों व चौराहों पर जेब्रा लाइनों की जरूरत है। पालिका को इस ओर ध्यान देना चाहिए।