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चुनाव में गई बसें, यात्री भटकते रहे
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हरदोई। निर्वाचन ड्यूटी के लिए अधिगृहीत की जा रहे निजी क्षेत्र के वाहनों के साथ रोडवेज की बसें भी लगाई गई हैं, जिससे कई रूटों पर बसों का संचालन काफी कम हो गया है।
चुनावी रैलियां भी निजी क्षेत्र की बसों की उपलब्धता को कई रूटों पर कम कर रहीं, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। रविवार को कई रूटों पर रोडवेज की बसों की तो कमी रही ही, साथ ही स्थानीय रूटों पर निजी क्षेत्र के सवारी वाहनों का टोटा रहा।
चुनावी रैलियों में गई निजी क्षेत्र की बसों से रविवार को काफी दिक्कतें रहीं, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सवारी वाहनों की तलाश में भटक रहे लोगों को जहां जितनी दूर के लिए जो वाहन मिले उन्हीं पर सवार हो लिए।
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जिनको वाहन नहीं मिले वे पैदल ही निकल पड़े। खासतौर से जिला मुख्यालय से 10 से 20 किमी के परिधि में स्थित कस्बों एवं गांवों के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा।
बड़ी दूर के सफर के लिए लोगों ने बसों की अनुपलब्धता के चलते यात्रा से परहेज किया, जबकि जिन लोगों को जरूरी कार्य से गंतव्य तक के लिए आना जाना था, उन्होंने घंटों बसों का इंतजार किया।
चुनाव ड्यूटी में सभी डिपो से बसें गई हैं। इससे कुछ बसों की कमी है, मगर सभी जरूरी रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है। यात्रियों की रूट पर उपलब्धता के हिसाब से बसों का रूट आदि बदल कर मुहैया कराई जाती हैं।
- आरके त्रिवेदी, आरएम
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चुनावी रैलियां भी निजी क्षेत्र की बसों की उपलब्धता को कई रूटों पर कम कर रहीं, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। रविवार को कई रूटों पर रोडवेज की बसों की तो कमी रही ही, साथ ही स्थानीय रूटों पर निजी क्षेत्र के सवारी वाहनों का टोटा रहा।
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चुनावी रैलियों में गई निजी क्षेत्र की बसों से रविवार को काफी दिक्कतें रहीं, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सवारी वाहनों की तलाश में भटक रहे लोगों को जहां जितनी दूर के लिए जो वाहन मिले उन्हीं पर सवार हो लिए।
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जिनको वाहन नहीं मिले वे पैदल ही निकल पड़े। खासतौर से जिला मुख्यालय से 10 से 20 किमी के परिधि में स्थित कस्बों एवं गांवों के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा।
बड़ी दूर के सफर के लिए लोगों ने बसों की अनुपलब्धता के चलते यात्रा से परहेज किया, जबकि जिन लोगों को जरूरी कार्य से गंतव्य तक के लिए आना जाना था, उन्होंने घंटों बसों का इंतजार किया।
चुनाव ड्यूटी में सभी डिपो से बसें गई हैं। इससे कुछ बसों की कमी है, मगर सभी जरूरी रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है। यात्रियों की रूट पर उपलब्धता के हिसाब से बसों का रूट आदि बदल कर मुहैया कराई जाती हैं।
- आरके त्रिवेदी, आरएम