फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Burn unit missing from medical college, patients being admitted in general ward

Hardoi News: मेडिकल काॅलेज से गायब हुई बर्न यूनिट, सामान्य वार्ड में भर्ती हो रहे मरीज

Sun, 20 Oct 2024 10:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 10:34 PM IST
विज्ञापन
Burn unit missing from medical college, patients being admitted in general ward
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में बर्न यूनिट ही गायब हो गई है। आग से झुलसे लोगों को सामान्य वार्डों में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन

ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। सामान्य वार्ड में भर्ती बर्न के मरीजाें के लिए समुचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में झुलसे लोगों को समुचित उपचार न मिल पाने से कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। जिम्मेदारों की बेपरवाही के चलते झुलसे मरीजों के इलाज में महज खानापूर्ति हो रही है।
जिला अस्पताल में करीब 20 वर्ष पहले बर्न यूनिट भवन का निर्माण कराया गया था। नए भवन में झुलस कर आने वाले रोगियों के उपचार के सभी संसाधन मुहैया कराए गए थे। बर्न यूनिट बनने से जिले भर के झुलसे लोगों का उपचार यहीं हो रहा था। मेडिकल कॉलेज स्वीकृत होने के बाद जिला अस्पताल को संबद्ध कर नए सिरे से भवन और कार्यालयों का निर्माण शुरु हो गया।
विज्ञापन

भर्ती मरीजों को भी पैथोलॉजी के ऊपर नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। बर्न यूनिट को भी नए सिरे से बनाने के लिए झुलसे मरीजों को भी इसी भवन में सामान्य मरीजों के साथ भर्ती कराए जाने लगा। जबकि बर्न मरीजों के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था भी नहीं की गई और ऐसे में अन्य मरीजों में भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन



केस-1- बिलग्राम के सढि़यापुर निवासी राम लखन सात अक्तूबर को घर की रसोई में चाय बना रहे थे, तभी माचिस जलाते ही सिलिंडर ने आग पकड़ ली और वह झुलस गए। बिलग्राम सीएचसी में भर्ती रहने के बाद उन्हें 13 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उन्हें दूसरे रोगियों के साथ सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर दिया गया। ऐसे में संक्रमण की आशंका बनी रहती है। गंभीर झुलसे लोगों की कई बार जान पर बन जाती है या ऐसे मरीजों के परिजन उन्हें खुद ही इलाज के लिए दूसरे शहरों में ले जाते हैं। डॉक्टर भी मामला गंभीर होता देख मरीजों को यहां से रेफर कर देते हैं।



केस-2- सवायजपुर निवासी कुलदीप की पत्नी बबली (32) भी गंभीर रूप से झुलसने पर मेडिकल कॉलेज में शनिवार को भर्ती कराया गया। कुलदीप ने बताया कि वह खाना बनाने गई तभी अचानक सिलिंडर ने आग पकड़ ली और वह काफी हद तक झुलस गई। बबली को भी मेडिकल काॅलेज के सर्जिकल वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ भर्ती कराया गया है। उसे अस्पताल की ओर न तो मच्छरदानी दी गई है और अन्य कोई व्यवस्था नहीं की गई है।



हरदोई। सर्जिकल वार्ड में जिन जगहों पर झुलसे मरीजों को भर्ती किया है। वहां पर न ताे एयर कंडीशन है और न ही हवा की बेहतर व्यवस्था। जबकि बर्न के मरीजों के लिए हवा की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा बर्न के मरीजों को आइसोलेटेड वार्ड में भर्ती करना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही इस कदर है कि उन्हें भी सामान्य मरीजों के साथ भर्ती किया गया है।


हरदोई। दीपावली को लेकर झुलसे मरीजों के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है, जिसके बाद भी मेडिकल कॉलेज में अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उधर, मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 30 से 35 फीसदी झुलसे लोगों को ही भर्ती किया जाता है। इससे अधिक गंभीर मरीज को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया जाता है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में प्लास्टिक सर्जन भी न होने से गंभीर मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है।



बर्न रोगियों के लिए आइसोलेटेड वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें ही भर्ती करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा नए आईपीडी भवन में बर्न यूनिट अलग रखी गई है, लेकिन भवन अभी हैंडओवर नहीं हो पाया है। इस वजह से ऐसी समस्या आ रही है। -डाॅ. आर्य देश दीपक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed