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Hardoi News: नहीं खरीदे जा सके कंबल, ठिठुरते गुजर रहीं सर्द रातें

Thu, 12 Dec 2024 11:03 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Thu, 12 Dec 2024 11:03 PM IST
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Blankets could not be bought, cold nights were spent shivering
फोटो-13- मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में घर से लाए कंबलों को ओढ़कर लेटे मरीज। संवाद
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फोटो-14- सर्जिकल वार्ड के गेट का टूटा शीशा। संवाद
- मेडिकल कॉलेज में मंजूरी मिलने के बाद भी अभी तक नहीं खरीदे जा सके 800 कंबल
- पुराने हो चुके कंबलों से मरीजों को नहीं मिल रही राहत, घरों से लाने के लिए हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों की ठंड बढ़ने के बावजूद नए कंबल नहीं मिले हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते नए कंबलों की खरीद प्रशासन से डिमांड होने के बाद भरी नहीं की गई। इससे मरीजों को सर्द ठिठुरती रातें पुराने कंबलों के सहारे गुजारनी पड़ रही है। पुराने कंबलों से मरीजों को राहत नहीं मिल रही है और लोग अपने घरों से लाए हुए कंबलों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
वार्डों में भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते लाभ नहीं मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए सर्दियों से बचाव को कंबल मिलता है, लेकिन प्रयोग में लाए जा रहे कंबल अब पुराने हो चुके हैं।
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इन कंबलों से सर्द रातों में ठंड से बचाव नहीं हो रहा है। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 800 कंबलों को खरीदने के लिए डिमांड कर दी है और मंजूरी भी मिल गई। कंबलों काे मंगवाने की जिम्मेदारी अस्पताल के स्टोर इंचार्ज को दी गई। काफी समय बीतने के बाद भी अभी तक नए कंबल नहीं खरीदे गए। जबकि अब तो सर्दी भी चरम पर पहुंच गई हैं। मरीज अब अपने घरों से लाए कंबलों के सहारे ही रात गुजार रहे हैं।
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केस:1- मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भर्ती हरियावां के पहाड़पुर निवासी संतराम को दो दिन पहले भर्ती किया गया। इन्हें कंबल तो मिला लेकिन उससे ठंड से बचाव नहीं हो रहा। उन्होंने घर से कंबल लाकर ठंड से बचाव किया। वहीं भर्ती बिलग्राम के हतियापुर के अजय बीते 7 दिनों से भर्ती हैं। बताया कि पहले दूसरे वार्ड में थे तो वहां कंबल मिला लेकिन ठंड से बचाव नहीं हुआ तो घर के कंबल का प्रयोग किया, अब वार्ड बदलने पर यहां कंबल नहीं दिया गया तो उन लोगों ने भी मांगा भी नहीं। माधौगंज के सहिजना निवासी राहुल को भी कंबल नहीं दिया गया। तो वह अपने घर से लाए कंबलों को ओढ़ रहे हैं।

केस:2- एक तो मरीजो को कंबल गुणवत्ता विहीन मिल रहे हैं और उस पर वार्ड के दरवाजे और कॉरिडोर के शीशे भी टूटे हैं। ऐसे में मरीज और तीमारदार रात में चलने वाली सर्द हवाओं से भी परेशान हैं। सर्जिकल वार्ड सहित अन्य वार्ड के दरवाजे के शीशे और बोर्ड टूटे होने से सर्द हवाओं से बचाव नहीं हो रहा है। मरीज और तीमारदारों को इससे काफी परेशान होना पड़ रहा है।

कंबलों का यह है मानक
अस्पताल में जो कंबल मरीजों को दिए जा रहे हैं, उनका वजन लगभग 1 किलो 200 ग्राम के आसपास है। पुराने होने की वजह से अब सर्दी से बचाव नहीं कर पा रहे हैं। कंबल पुराने और साफ भी नहीं है। जिसको लेकर फिलहाल ध्यान नहीं दिया जा रहा है।



वर्जन
रटारटाया जवाब, कराएंगे जांच

मरीजों के सर्दी से बचाव को कंबलों की डिमांड कर खरीद के निर्देश स्टोर इंचार्ज को दिए जा चुके हैं अभी तक कंबल क्यों नहीं आए हैं इसके बारे जानकारी की जाएगी और जल्द ही कंबल मंगवाए जाएंगे।-डॉ. जविन बिष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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