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दोनों पक्षों ने मानी गलतियां, मांगी माफी, निपट गया विवाद

Thu, 10 Oct 2019 07:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2019 07:42 PM IST
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bith side appolozised, dispute settled
डीएम से मिलने के बाद बाहर आते सीएमओ डॉ. एसके रावत व अन्य चिकित्सा अधीक्षक। अमर उजाला - फोटो : HARDOI
कैंप कार्यालय में बुधवार रात स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक डीएम और चिकित्सा अधीक्षकों के बीच हुआ विवाद गुरुवार को कलक्ट्रेट में निपट गया।
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दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलती मानकर माफी मांग ली। सीएमओ की मौजूदगी में टीम भावना से काम करने की बात कही।
सुबह लगभग 11:30 बजे कलक्ट्रेट स्थित डीएम पुलकित खरे के कार्यालय से निकलकर संडीला सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शरद वैश्य ने मीडिया को विवाद खत्म होने की जानकारी दी।
डॉ. शरद वैश्य ने कहा कि डीएम ने 11 बजे वार्ता के लिए बुलाया था। वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने दावा किया कि डीएम पुलकित खरे ने चिकित्सा अधीक्षकों से माफी मांगी तो उन्होंने ने भी डीएम से माफी मांग ली।
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इसके बाद तय हुआ कि टीम भावना से कार्य किया जाएगा और सभी योजनाओं में जिले को नंबर वन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष एसीएमओ डॉ. स्वामी दयाल ने बताया कि डीएम ने आश्वस्त किया है कि हंसते मुस्कुराते पल भी होंगे और फटकार के पल भी होंगे, लेकिन मिल जुलकर काम करना है।
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सधे शब्दों में आई लिखित प्रतिक्रिया
देर शाम सूचना अधिकारी के माध्यम से बताया गया कि डीएम पुलकित खरे की अध्यक्षता में सीएमओ डॉ. एसके रावत और सभी सीएचसी के अधीक्षकों के साथ सौहार्दपूर्ण बैठक हुई और वार्ता सफल रही।
दूसरी ओर एसीएमओ डॉ. स्वामी दयाल ने बताया कि गुरुवार सुबह हुई बैठक में गतिरोध समाप्त हो गया। उन्होंने दावा किया कि चिकित्सा अधीक्षकों को शाम पांच बजे के बाद बैठक में न बुलाए जाने, चिकित्सा अधीक्षकों और डाटा इंट्री ऑपरेटरों को गैर विभागीय कार्यों में न लगाए जाने की बात भी तय हुई।

पीएमएस संघ के अध्यक्ष ने संविदा कर्मियों के रुके हुए वेतन को अवमुक्त करने और सम्मानजनक ढंग से वार्ता करने पर डीएम ने अपनी सहमति दी।
जिन संविदा कर्मियों की सेवाएं किसी कारण से समाप्त हुई हैं, उनकी बहाली के लिए कार्य कुशलता का प्रमाणपत्र भेजने की सलाह डीएम ने चिकित्सा अधीक्षकों को दी।
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