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Hardoi News: आटा चक्की और सरसों तेल कोल्हू लगाकर बनीं आत्मनिर्भर

Sat, 21 Mar 2026 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:51 PM IST
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Became self-reliant by setting up a flour mill and mustard oil press
फोटो 22: सरसों कोल्हू के संबंध में जानकारी देतीं रीना सिंह। स्रोत : स्वयं
हरदोई। स्वरोजगार के साथ ही आमजन को शुद्ध और सही सरसों का तेल और आटा उपलब्ध कराकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। ब्लॉक अहिरोरी के मंगोलापुर गांव की रीना सिंह ने ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर श्री गणेश महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। गांव में ही सरसों पेराई का कोल्हू और आटा चक्की स्थापित कर आमदनी का जरिया निकाला।
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मंगोलापुर निवासी रीना सिंह ने घर के कामकाज, चौका-चूल्हा से बचे समय के सदुपयोग के लिए उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर गांव की 10 महिलाओं को जोड़कर समूह का बनाया। स्वयं अध्यक्ष बनीं, अर्चना सिंह को सचिव और ज्योति सिंह को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। महिलाओं में बचत की आदत डाली। छोटी-छोटी बचत कर समूह को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया। वहीं, उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से मिलने वाली आर्थिक मदद से समूह को मजबूती मिली। इसी के साथ उन्होंने परिवार के सदस्यों से विचार-विमर्श कर स्वरोजगार स्थापना का मन बनाया।
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बताया कि साल 2025 में करीब 10 लाख रुपये की लागत से खुद का व्यवसाय स्थापित किया। कारखाने में परिवार के सदस्यों के साथ ही दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दिया गया। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ। आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं। बताया कि चक्की में एक घंटे में चार क्विंटल आटा पिसाई और कोल्हू में एक घंटे में 90 किलोग्राम सरसों की पेराई हो जाती है। इससे लोगों को शुद्ध सरसों का तेल और आटा उपलब्ध हो रहा है।
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ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिशन की ओर से आर्थिक मदद के साथ ही आवश्यकता पर बैंक से भी ऋण दिलाया जाता है। गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। -सान्या छाबड़ा, सीडीओ
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