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Hardoi News: 40 बीघा तालाब में मिलीं प्रतिबंधित मांगुर मछलियां
Sat, 11 Jan 2025 11:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 11 Jan 2025 11:51 AM IST
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तालाब की खांई को खोदती जेसीबी।
- फोटो : तालाब की खांई को खोदती जेसीबी।
फोटो-25- तालाब की खांई को खोदती जेसीबी। संवाद
- तालाब में नमक और फिनाइल डालकर मछलियों को नष्ट किया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
भरावन। क्षेत्र के डांडा गांव में करीब 40 बीघा तालाब में प्रतिबंधित मांगुर मछलियों के पालन का कारोबार चार साल हो रहा था। शुक्रवार को मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज चौहान ने राजस्व टीम के साथ छापेमारी की। मत्स्य पालन के लिए तालाब के 20 भाग बनाए गए हैं। मछलियों को खिलाने के लिए मांस भी तालाब किनारे मिला है।
सहायक निदेशक मत्स्य ने डांडा गांव में करीब चार साल से चल रहे प्रतिबंधित मांगुर मछली पालन और बिक्री को बंद कराने के लिए जेसीबी से तालाब की खांई खोदवाकर पानी निकलवाया। पानी निकलने वाले भाग में नमक और फिनाइल डालकर मछलियों को नष्ट करना शुरू किया है। ग्रामीणों ने बताया कि एग्रीमेंट की जमीन पर ओमकार अवस्थी मत्स्य पालन कर रहे हैं।
मछलियों को मांस खिलाकर मोटी कमाई जा रही है। सहायक निदेशक ने बताया है कि बुधवार को इसकी जानकारी मिली थी। उसी पर कार्रवाई की गई है। मांगुर मछलियों को खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती हैं। बताया कि तालाब में 25,00,000 रुपये के बच्चे डाले गए थे। टीम में नायब तहसीलदार रामकृष्ण श्रीवास्तव और कानूनगो शिवरूप द्विवेदी शामिल रहे।
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- तालाब में नमक और फिनाइल डालकर मछलियों को नष्ट किया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
भरावन। क्षेत्र के डांडा गांव में करीब 40 बीघा तालाब में प्रतिबंधित मांगुर मछलियों के पालन का कारोबार चार साल हो रहा था। शुक्रवार को मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज चौहान ने राजस्व टीम के साथ छापेमारी की। मत्स्य पालन के लिए तालाब के 20 भाग बनाए गए हैं। मछलियों को खिलाने के लिए मांस भी तालाब किनारे मिला है।
सहायक निदेशक मत्स्य ने डांडा गांव में करीब चार साल से चल रहे प्रतिबंधित मांगुर मछली पालन और बिक्री को बंद कराने के लिए जेसीबी से तालाब की खांई खोदवाकर पानी निकलवाया। पानी निकलने वाले भाग में नमक और फिनाइल डालकर मछलियों को नष्ट करना शुरू किया है। ग्रामीणों ने बताया कि एग्रीमेंट की जमीन पर ओमकार अवस्थी मत्स्य पालन कर रहे हैं।
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मछलियों को मांस खिलाकर मोटी कमाई जा रही है। सहायक निदेशक ने बताया है कि बुधवार को इसकी जानकारी मिली थी। उसी पर कार्रवाई की गई है। मांगुर मछलियों को खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती हैं। बताया कि तालाब में 25,00,000 रुपये के बच्चे डाले गए थे। टीम में नायब तहसीलदार रामकृष्ण श्रीवास्तव और कानूनगो शिवरूप द्विवेदी शामिल रहे।
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