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बंदी को लेकर संगठनों में दो फाड़, आज से दुकान खुलने के आसार
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हरदोई। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखकर 26 तक बाजार बंदी की सहमति जताने वाले व्यापारिक संगठनों में तीन दिन की बंदी के बाद दो फाड़ की स्थिति नजर आ रही है। जहां कुछ पदाधिकारी छोटे व्यापारियों को हो रहे नुकसान को देखकर गुरुवार से दुकानें खोलने के पक्ष में हैं तो वहीं एक संगठन के पदाधिकारी ने कोरोना से बचाव को जनहित में बंदी जारी रखने को समर्थन दिया है। बुधवार को बंदी के बीच सदर बाजार और सिनेमा रोड पर कुछ दुकानें खुली नजर आईं।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने जिलाधिकारी से बुधवार से ही दुकानें खोलने की मांग कर दी तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी बंदी समाप्त करने पर सहमति जता दी। इधर जिला उद्योग व्यापार संगठन बंदी के पक्ष में खड़ा है। ईओ नगर पालिका रविशंकर शुक्ल का कहना है कि प्रशासन से इन संगठनों ने मांग की थी तो बंदी की सहमति दे दी गई। अब यही लोग बाजार खोलने को कह रहे हैं, तो ठीक है। व्यापारी वर्ग अपने विवेक से निर्णय ले। इसमें पालिका का हस्तक्षेप नहीं होगा। जब व्यापारी इसको नहीं मान रहे तो वह क्या कर सकते हैं। जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है।
व्यापार मंडल वापस लेता है बंदी : विमलेश
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने बताया कि उन्होंने डीएम पुलकित खरे को मैसेज भेजकर अवगत करा दिया है कि मंडल ने दुकानें बंद करने का निर्णय लिया था। लेकिन रक्षाबंधन को देखते हुए व्यापारी कारोबार बंद करने में असमर्थ हैं। वह दुकानों को खोलने के लिए व्यापार मंडल पर दबाव बना रहे हैं। इसलिए वह बंदी वापस लेते हैं।
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गरीब दुकानदार हो रहा परेशान : सुरेंद्र
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गौर का कहना है कि ये बंदी अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पाई। गरीब दुकानदार परेशान हुआ है। सड़कों पर भीड़ जस की तस है तो फिर सिर्फ दुकानें बंद करने से कोरोना संक्रमण नहीं रुकेगा। वह भी अब बंदी के पक्ष में नहीं हैं। दुकानदार भी अब नहीं मान रहे हैं।
हम तो दुकानें खोलने के पक्ष में नहीं : पवन
जिला उद्योग व्यापार संगठन के अध्यक्ष पवन जैन का कहना है कि दो संगठन भले ही बंदी वापस ले लें। व्यापारी वर्ग अपनी दुकान खोलें। लेकिन वह सात दिन जनहित में दुकानें नहीं खोलेंगे।
शहर में खुली रहीं कई दुकानें
हरदोई। 26 जुलाई तक शहर की बाजार बंद कराने की मांग की गई थी। सोमवार को पहले दिन बाजारें बंद भी रहीं। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी रही, लेकिन बुधवार को शहर के रेलवेगंज, सदर बाजार, धर्मशाला रोड, मुन्ने मियां चौराहे सहित कई मार्गों पर दुकानें खुली नजर आईं।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने जिलाधिकारी से बुधवार से ही दुकानें खोलने की मांग कर दी तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी बंदी समाप्त करने पर सहमति जता दी। इधर जिला उद्योग व्यापार संगठन बंदी के पक्ष में खड़ा है। ईओ नगर पालिका रविशंकर शुक्ल का कहना है कि प्रशासन से इन संगठनों ने मांग की थी तो बंदी की सहमति दे दी गई। अब यही लोग बाजार खोलने को कह रहे हैं, तो ठीक है। व्यापारी वर्ग अपने विवेक से निर्णय ले। इसमें पालिका का हस्तक्षेप नहीं होगा। जब व्यापारी इसको नहीं मान रहे तो वह क्या कर सकते हैं। जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है।
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व्यापार मंडल वापस लेता है बंदी : विमलेश
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने बताया कि उन्होंने डीएम पुलकित खरे को मैसेज भेजकर अवगत करा दिया है कि मंडल ने दुकानें बंद करने का निर्णय लिया था। लेकिन रक्षाबंधन को देखते हुए व्यापारी कारोबार बंद करने में असमर्थ हैं। वह दुकानों को खोलने के लिए व्यापार मंडल पर दबाव बना रहे हैं। इसलिए वह बंदी वापस लेते हैं।
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गरीब दुकानदार हो रहा परेशान : सुरेंद्र
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गौर का कहना है कि ये बंदी अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पाई। गरीब दुकानदार परेशान हुआ है। सड़कों पर भीड़ जस की तस है तो फिर सिर्फ दुकानें बंद करने से कोरोना संक्रमण नहीं रुकेगा। वह भी अब बंदी के पक्ष में नहीं हैं। दुकानदार भी अब नहीं मान रहे हैं।
हम तो दुकानें खोलने के पक्ष में नहीं : पवन
जिला उद्योग व्यापार संगठन के अध्यक्ष पवन जैन का कहना है कि दो संगठन भले ही बंदी वापस ले लें। व्यापारी वर्ग अपनी दुकान खोलें। लेकिन वह सात दिन जनहित में दुकानें नहीं खोलेंगे।
शहर में खुली रहीं कई दुकानें
हरदोई। 26 जुलाई तक शहर की बाजार बंद कराने की मांग की गई थी। सोमवार को पहले दिन बाजारें बंद भी रहीं। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी रही, लेकिन बुधवार को शहर के रेलवेगंज, सदर बाजार, धर्मशाला रोड, मुन्ने मियां चौराहे सहित कई मार्गों पर दुकानें खुली नजर आईं।