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Hardoi News: प्रभावित गांवों की तरफ बढ़ा पानी, जलभराव से फसलें पीली पड़ने लगीं

Sat, 05 Sep 2026 10:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 10:58 PM IST
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Water advanced towards the affected villages; crops began turning yellow due to waterlogging.
फोटो 49: पुन्ना पुरवा और जरेला गांव के नजदीक भरा पानी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के पानी में शनिवार को एक बार फिर बढ़ोतरी हुई। इससे कटरी क्षेत्र के प्रभावित गांवों की तरफ पानी का फैलाव जारी है। गांवों के आसपास जलभराव बढ़ने से लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण फसलें पीली पड़ने लगी हैं। वहीं तीन गोशाला के मवेशियों को गो संरक्षण केंद्र में शिफ्ट कराया गया है।
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नदियों में पानी बढ़ने के साथ ही खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान होने लगा है। लगातार जलभराव के कारण पौधों की जड़ों को पर्याप्त हवा नहीं मिल पा रही है जिससे फसलें पीली पड़ने लगी हैं। किसानों को आशंका है कि पानी जल्द नहीं उतरा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ से जलभराव की आशंका के दृष्टिगत मुर्चा, भरखनी और बाबरपुर गोशाला के मवेशियों को गो संरक्षण केंद्र और दूसरी गोशाला में शिफ्ट कराया गया है। वहीं इनके चारा, दाना की व्यवस्था कराई गई।
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बिलग्राम प्रतिनिधि के मुताबिक गांवों के आसपास पानी पहुंचने से ग्रामीणों में चिंता है। लोगों को आशंका है कि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण बिलग्राम कटरी क्षेत्र में गंगा में जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ से शनिवार को भी तीनों गांव प्रभावित रहे।
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पुन्नापुरवा, मदारी पुरवा और जरेला गांवों के आसपास पानी भरा रहा। पानी फिर बढ़ने से गांवों में हलचल तेज है। आवागमन के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी से गांवों के आसपास गंदगी है। गांवों में बीमारियां पनपने लगी हैं। जलभराव और गंदगी के कारण पैरों में सड़न की बीमारी बढ़ी है। अधीक्षक सामुदायिक केंद्र डॉ. हेमंत राजपूत ने बताया कि गांवों और बाढ़ चौकियों पर शिविर लगाए जा रहे हैं। तहसीलदार दीपक गौतम ने गांवों का निरीक्षण कर आकस्मिक अवस्था में राजस्व दल को पूरी तत्परता बरतने की हिदायत दी है।
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गर्रा के बढ़ते जलस्तर को लेकर एडीएम ने किया निरीक्षण
अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व दीपाली भार्गव ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के बाद गर्रा के बढ़ते जलस्तर के कारण संभावित प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने चुन्नीपुरवा, अखबेलपुर मलवा, टेभनापुर और तिलमईखेड़ा में बाढ़ राहत केंद्रों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। गर्रा नदी में पानी बढ़ने से सुखेता नाले में भी पानी का स्तर बढ़ा है। चुन्नीपुरवा के लोगों को बताया कि वह उपयोगी सामग्री को व्यवस्थित कर लें किसी भी आपात स्थिति के लिए बाढ़ चौकी तिलमईखेड़ा को सक्रिय कर दिया गया है।


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बैराजों के पानी ने बढ़ाया गंगा, रामगंगा और गर्रा का जलस्तर
गर्रा नदी में नानक सागर बैराज से 1,514 क्यूसेक और ड्यूनी बैराज से 3,896 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गर्रा में पिछले 24 घंटे में 35 सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी हुई है और पानी 147.85 मीटर गेज पर पहुंच गया है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 87,053 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा में राजघाट पर करीब 20 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर पांच सेंटीमीटर बढ़ोतरी हुई और पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर गेज से 35 सेंटीमीटर ऊपर 136.95 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं रामगंगा नदी के पानी में 25 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है और पानी 136.40 मीटर गेज पर पहुंच गया है।
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