{"_id":"6a512a625ebb3cb59402b233","slug":"as-the-administration-took-a-strict-stance-15-applied-for-coaching-registration-hardoi-news-c-213-1-hra1021-152894-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: सख्त हुआ प्रशासन तो 15 ने कोचिंग पंजीकरण के लिए किया आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: सख्त हुआ प्रशासन तो 15 ने कोचिंग पंजीकरण के लिए किया आवेदन
विज्ञापन
हरदोई। शहर में बिना पंजीकरण धड़ल्ले से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख के बाद आवेदन आने शुरू हो गए हैं। कार्रवाई के डर से आनन-फानन 15 कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण के लिए विभाग में आवेदन किया। आवेदन आने के बाद उनके मानकों की जांच के लिए सभी सेंटरों की सूची अग्निशमन विभाग को भेजी गई ताकि वहां सुरक्षा मानकों की जमीनी हकीकत परखी जा सके।
जिले में वैसे तो 500 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं मगर पंजीकरण सिर्फ 59 का है। लखनऊ में हुई घटना के बाद जिले में कोचिंगों की जांच शुरू की गई थी जिसमें कई बंद मिलीं और कई मानकविहीन मिली थीं, बिना पंजीकरण के कोचिंग का संचालन होते मिला था। प्रशासन की ओर से इन कोचिंगों पर कार्रवाई शुरू की गई तो संचालकों ने पंजीकरण कराना ही बेहतर समझा और शिक्षा विभाग में कोचिंग के लिए आवेदन किए। जिले में संचालित 500 से अधिक कोचिंग में सिर्फ 15 की ओर से पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है जिनकी सुरक्षा की जांच के लिए सूची को अग्निशमन विभाग को भेज दी गई है।
विभाग यह व्यवस्था जांचेगा
.कोचिंग संस्थान में आपात स्थिति में छात्रों के निकलने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित रास्ते हैं या नहीं।
.परिसर में अग्निशामक यंत्र और स्प्रिंकलर सिस्टम वर्किंग कंडीशन में हैं या नहीं।
.क्लासरूम में तय क्षमता से ज्यादा बच्चों को तो नहीं बैठाया जा रहा है।
.कमरों में हवा और रोशनी की उचित व्यवस्था है या नहीं।
पंजीकरण कराने के लिए आवेदन आए हैं। यह सभी आवेदन अग्निशमन विभाग को भेजे गए हैं। उनकी एनओसी के बाद पंजीकरण किया जाएगा। -डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में वैसे तो 500 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं मगर पंजीकरण सिर्फ 59 का है। लखनऊ में हुई घटना के बाद जिले में कोचिंगों की जांच शुरू की गई थी जिसमें कई बंद मिलीं और कई मानकविहीन मिली थीं, बिना पंजीकरण के कोचिंग का संचालन होते मिला था। प्रशासन की ओर से इन कोचिंगों पर कार्रवाई शुरू की गई तो संचालकों ने पंजीकरण कराना ही बेहतर समझा और शिक्षा विभाग में कोचिंग के लिए आवेदन किए। जिले में संचालित 500 से अधिक कोचिंग में सिर्फ 15 की ओर से पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है जिनकी सुरक्षा की जांच के लिए सूची को अग्निशमन विभाग को भेज दी गई है।
विज्ञापन
विभाग यह व्यवस्था जांचेगा
.कोचिंग संस्थान में आपात स्थिति में छात्रों के निकलने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित रास्ते हैं या नहीं।
.परिसर में अग्निशामक यंत्र और स्प्रिंकलर सिस्टम वर्किंग कंडीशन में हैं या नहीं।
.क्लासरूम में तय क्षमता से ज्यादा बच्चों को तो नहीं बैठाया जा रहा है।
.कमरों में हवा और रोशनी की उचित व्यवस्था है या नहीं।
पंजीकरण कराने के लिए आवेदन आए हैं। यह सभी आवेदन अग्निशमन विभाग को भेजे गए हैं। उनकी एनओसी के बाद पंजीकरण किया जाएगा। -डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन