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असलहों के पांच तस्करों को पुलिस ने पकड़ा

ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Fri, 03 Apr 2015 12:40 AM IST
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Artillery and five traffickers arrested

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जिले में मध्य प्रदेश से तस्करी कर असलहोें की बिक्री
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करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर पांच सदस्यों को धर दबोचा। उनके पास चार पिस्टल और कारतूस बरामद की है। पुलिस टीम को एसपी पांच हजार का इनाम देने की घोषण की।

एसपी उमेश सिंह ने गुरुवार को पुलिस लाइन में जिले में अवैध असलहों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। बताया कि जिले कुछ लोग मध्य प्रदेश से अवैध असलहों को लाकर जिले में बिक्री करने की जानकारी पुलिस को हुई थी। इस पर एएसपी बीसी दुबे के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर मामले में शामिल लोगों को पकड़ने निर्देश दिए थे।

बताया कि क्राइम ब्रांच और एसओ सुरसा बृजेश त्रिपाठी ने तस्करोें के विरुद्ध छानबीन शुरू की। टीम को सूचना मिली की एक गाड़ी से असलहे लाए जा रहे, जिस पर टीम ने बिलग्राम रोड़ पर मझिला पुल के पास एक गाड़ी को आते देख रोक। गाड़ी में पांच लोग सवार थे।

पुलिस ने पांचों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो उनके पास से चार पिस्टल 32 बोर और 11 कारतूस मिले। बताया कि पकड़ा गया तस्कर रमेश सिंह मध्यप्रदेश के भिंड से पप्पू नामक व्यक्ति से 12 हजार रुपये प्रति पिस्टल लेकर आया था।

एसपी ने बताया कि पहले बिहार के मंडेर से जिले में असलहे आते थे, पर मध्य प्रदेश से असलहे आने का पहला मामला प्रकाश में आया है। बताया कि असलहों को पाली क्षेत्र के पूर्व प्रधान जीत बहादुर क्षेत्र में बिक्री करते थे, जिसमें उनके दोनों पुत्र मनीष सिंह और सुनील सिंह भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार रमेश सिंह उर्फ बड़े पुत्र पूरन सिंह निवासी मानहड़ थाना गोरमी जिला भिंड मध्य प्रदेश और उसका साथी शंकर सिंह उर्फ पप्पू असलहे लेकर पाली क्षेत्र के ग्राम फरिगहना निवासी अपने ससुर पूर्व प्रधान जीत बहादुर सिंह को देते थे, जिसे जीत बहादुर और उसके पुत्र मनीष और सुनील (बीडीसी) बिक्री कर देते थे।

उधर, जीत बहादुर के विरुद्ध पाली थाने में बलवा, मारपीट, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि उसके घर में बीस साल से प्रधानी है, इसलिए वह लोग क्षेत्र में दहशत फैलाने का काम करते थे।

एसपी ने पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम का पांच हजार का ईनाम दिया है। जिसमें एसओ सुरसा बृजेश त्रिपाठी, सिपाही विमलेश, निरीक्षक एम एल कनौजिया, सिपाही राजेंद्र, सिपाही धर्मपाल, सिपाही राम कृष्ण द्विवेदी और क्राइम ब्रांच के सदस्य शामिल हैं।

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