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Hardoi News: प्राथमिकता के कामों में लापरवाही पर पांच एडीओ से जवाब-तलब
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों में विकास व निर्माण के नाम पर वैसे तो बड़ी मात्रा में राशि खर्च हाे रही है, लेकिन प्राथमिकता के कामों में जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान में लिमिट जारी होने के बाद भी पांच गांवों में न तो काम कराए गए और न ही राशि खर्च की गई।
शासन स्तर पर हुई समीक्षा में पंचायतीराज विभाग के उप निदेशक ने पांच सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) से जवाब-तलब किया है। एक सप्ताह में काम न कराए जाने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गांवों में ग्राम सचिवालय के निर्माण के साथ ही पंचायत कार्यालय की स्थापना व अतिरिक्त कॉमन सर्विस सेंटर के लिए शासन ने 25 लाख 96,800 रुपये की लिमिट पांच गांवों के लिए जारी की है। यह लिमिट राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत जारी करते हुए पंचायतीराज विभाग ने काम कराते हुए रिपोर्ट प्राप्त कराए जाने के आदेश दिए थे।
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पंचायतीराज विभाग के उप निदेशक गिरीश चंद्र ने समीक्षा में पाया कि यहां के विकास खंड सांडी के मंगरौरा में 6,98,400 और माधौगंज के नेवादा गंभी में 6,94,400 रुपये, हरपालपुर के सतौथा, संडीला के बेगमगंज और भरावन के छावन में चार-चार लाख रुपये जारी होने के बाद डंप पड़े हैं। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी को काम तेजी से कराने के लिए कहा गया है। जवाब प्राप्त कर उप निदेशक को भेजा जाएगा।
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हरदोई। गांवों में विकास व निर्माण के नाम पर वैसे तो बड़ी मात्रा में राशि खर्च हाे रही है, लेकिन प्राथमिकता के कामों में जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान में लिमिट जारी होने के बाद भी पांच गांवों में न तो काम कराए गए और न ही राशि खर्च की गई।
शासन स्तर पर हुई समीक्षा में पंचायतीराज विभाग के उप निदेशक ने पांच सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) से जवाब-तलब किया है। एक सप्ताह में काम न कराए जाने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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गांवों में ग्राम सचिवालय के निर्माण के साथ ही पंचायत कार्यालय की स्थापना व अतिरिक्त कॉमन सर्विस सेंटर के लिए शासन ने 25 लाख 96,800 रुपये की लिमिट पांच गांवों के लिए जारी की है। यह लिमिट राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत जारी करते हुए पंचायतीराज विभाग ने काम कराते हुए रिपोर्ट प्राप्त कराए जाने के आदेश दिए थे।
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पंचायतीराज विभाग के उप निदेशक गिरीश चंद्र ने समीक्षा में पाया कि यहां के विकास खंड सांडी के मंगरौरा में 6,98,400 और माधौगंज के नेवादा गंभी में 6,94,400 रुपये, हरपालपुर के सतौथा, संडीला के बेगमगंज और भरावन के छावन में चार-चार लाख रुपये जारी होने के बाद डंप पड़े हैं। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी को काम तेजी से कराने के लिए कहा गया है। जवाब प्राप्त कर उप निदेशक को भेजा जाएगा।