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Hardoi News: एनएचएआई के भरोसे छोड़ दिए अमृत सरोवर, आधे-अधूरे
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हरदोई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारिश के एक-एक बूंद को संरक्षित किए जाने के आह्वान पर और तो और जनप्रतिनिधि ही नहीं चल पा रहे हैं।
जल संग्रहण, संरक्षण और गर्मियों में तालाबों में पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए जा रहे अमृत सरोवर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के भरोस छोड़ दिए गए। एनएचएआई का काम देख रहे कार्यदायी संस्था ने अपनी जरुरत के हिसाब से तालाब से मिट्टी निकाल और वैसे ही छोड़ दिया।
आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री ने कैच द रेन अभियान दिया। इसमें बारिश की एक-एक बूंद को संग्रहीत किए जाने का आह्वान किया गया। इसके लिए तालाबों को अमृत सरोवर के रुप में विकसित किए जाने की कार्ययोजना बनी। इससे बरसात का बहकर बेकार जाने वाले पानी को संग्रहीत कर धरती की कोख को भी लबालब किए जाने का उद्देश्य शामिल है। यहां पर भी प्रधानमंत्री के आह्वान पर जनप्रतिनिधियों ने चयनित तालाबों को अमृत सरोवर बनाए जाने के लिए भूमि पूजन और काम कराए जाने की आधारशिला भी रखी। मई 2022 में रखी गई आधारशिला के शिलापट तालाबों के किनारे अभी भी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी की गवाही दे रहे हैं लेकिन, तालाब वैसे के वैसे ही हैं और अमृत सरोवर का स्वरुप नहीं ले पाए। इससे न तो बरसात का पानी संग्रहीत हो पाया और न ही गांव के लोगों को अमृत सरोवर और इसके आसपास पौधरोपण व पाथवे का लाभ मिल सका है।
कछौना के निर्मलपुर गांव में तालाब को अमृत सरोवर बनाए जाने के लिए विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल ने 19 मई 2022 को भूमि पूजन और आधारशिला रखी थी। निर्मलपुर गांव के तालाब में मिट्टी खोदाई का काम एनएचएआई की काम देख रही कार्यदायी संस्था को दे दिया गया। इससे एनएचएआई को निशुल्क मिट्टी मिल जाएगी और गांव के तालाब की खोदाई भी हो जाएगी। उद्देश्य और मंशा ठीक थी लेकिन, एनएचएआई काम देख रही कार्यदायी संस्था ने अपने हिसाब से जरुरत भर की मिट्टी की तालाब से खोदाई करा ली। इसके बाद तालाब को वैसे का वैसे ही छोड़ दिया है। प्रधान रुबी सिंह के पति पवन सिंह ने बताया कि सरोवर को बनाने का काम नेशनल हाइवे कंपनी का था। कंपनी के चले जाने के बाद तालाब ऐसे ही पड़ा है।
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संडीला विकास खंड के मल्हेरा में तालाब को अमृत सरोवर बनाए जाने के लिए विधायक अल्का सिंह अर्कवंशी ने 19 मई को भूमि पूजन और आधारशिला रखी थी। ग्राम पंचायत की ओर से तालाब की खोदाई कराई गई। चारों ओर कराए जाने वाले पौधरोपण और अन्य कामों को अभी तक नहीं कराया गया है। इससे तालाब अमृत सरोवर का स्वरुप नहीं ले सका है। प्रधान कमला देवी ने बताया कि काम पूरा करा लिया जाएगा।
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जल संग्रहण, संरक्षण और गर्मियों में तालाबों में पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनवाए जा रहे अमृत सरोवर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के भरोस छोड़ दिए गए। एनएचएआई का काम देख रहे कार्यदायी संस्था ने अपनी जरुरत के हिसाब से तालाब से मिट्टी निकाल और वैसे ही छोड़ दिया।
आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री ने कैच द रेन अभियान दिया। इसमें बारिश की एक-एक बूंद को संग्रहीत किए जाने का आह्वान किया गया। इसके लिए तालाबों को अमृत सरोवर के रुप में विकसित किए जाने की कार्ययोजना बनी। इससे बरसात का बहकर बेकार जाने वाले पानी को संग्रहीत कर धरती की कोख को भी लबालब किए जाने का उद्देश्य शामिल है। यहां पर भी प्रधानमंत्री के आह्वान पर जनप्रतिनिधियों ने चयनित तालाबों को अमृत सरोवर बनाए जाने के लिए भूमि पूजन और काम कराए जाने की आधारशिला भी रखी। मई 2022 में रखी गई आधारशिला के शिलापट तालाबों के किनारे अभी भी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी की गवाही दे रहे हैं लेकिन, तालाब वैसे के वैसे ही हैं और अमृत सरोवर का स्वरुप नहीं ले पाए। इससे न तो बरसात का पानी संग्रहीत हो पाया और न ही गांव के लोगों को अमृत सरोवर और इसके आसपास पौधरोपण व पाथवे का लाभ मिल सका है।
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कछौना के निर्मलपुर गांव में तालाब को अमृत सरोवर बनाए जाने के लिए विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल ने 19 मई 2022 को भूमि पूजन और आधारशिला रखी थी। निर्मलपुर गांव के तालाब में मिट्टी खोदाई का काम एनएचएआई की काम देख रही कार्यदायी संस्था को दे दिया गया। इससे एनएचएआई को निशुल्क मिट्टी मिल जाएगी और गांव के तालाब की खोदाई भी हो जाएगी। उद्देश्य और मंशा ठीक थी लेकिन, एनएचएआई काम देख रही कार्यदायी संस्था ने अपने हिसाब से जरुरत भर की मिट्टी की तालाब से खोदाई करा ली। इसके बाद तालाब को वैसे का वैसे ही छोड़ दिया है। प्रधान रुबी सिंह के पति पवन सिंह ने बताया कि सरोवर को बनाने का काम नेशनल हाइवे कंपनी का था। कंपनी के चले जाने के बाद तालाब ऐसे ही पड़ा है।
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संडीला विकास खंड के मल्हेरा में तालाब को अमृत सरोवर बनाए जाने के लिए विधायक अल्का सिंह अर्कवंशी ने 19 मई को भूमि पूजन और आधारशिला रखी थी। ग्राम पंचायत की ओर से तालाब की खोदाई कराई गई। चारों ओर कराए जाने वाले पौधरोपण और अन्य कामों को अभी तक नहीं कराया गया है। इससे तालाब अमृत सरोवर का स्वरुप नहीं ले सका है। प्रधान कमला देवी ने बताया कि काम पूरा करा लिया जाएगा।