लूटपाट के बाद गृहस्वामी की हत्या
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देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आशा
निवासी राम गोपाल (52) का परिवार खेत में बने कच्चे मकान में रहता है। उनका
बड़ा बेटा प्रमोद गांव में बने मकान में रहता है। रविवार को मझला बेटा कार
चालक रामजी दिल्ली गया था तो अमरपाल आटो चलाने चला गया। देर रात सशस्त्र
बदमाशों ने रामगोपाल के घर धावा बोल दिया।
कमरे का ताला तोड़ उसमें रखा
सामान व बक्शे में रखे जेवरात निकाल लिए। विरोध करने पर धारदार हथियार व
लाठी डंडे से रामगोपाल पर हमला किया। उनकी पत्नी सरस्वती (50) बचाने आई तो
उसे भी लहूलुहान कर दिया। बदमाशों ने दोनों को कमरे में बंदकर बाहर से कुं
डी लगा दी।
फिर पुत्रवधू रिकी (25)को पीटा और उसके कमरे का सामान समेटने के
बाद उसे भी कमरे में बंद कर दिया। सुबह करीब छह बजे अमर पाल आटो लेकर लौटा
तो बाहर से कुंडी लगी मिली। दरवाजा खोला तो रामगोपाल मृत अवस्था में पडे़
मिले, जबकि सरस्वती एवं रिंकी लहूलुहान हालत में बेहोश मिली।
दोनों को
अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंचे एसपी ने जांच पड़ताल की।
पुलिस ने प्रमोद की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। क्राइम ब्रांच समेत
पांच टीमों को घटना का खुलासा करने के लिए लगाया गया है।